प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
लखनऊ, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज प्रदेश के सभी जिलों में पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन कर चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार करने की मांग उठाई।
ज्ञात हो कि शासन ने 9 सितंबर को आदेश जारी कर 1 अक्टूबर से केवल ऑनलाइन बिल जमा करना अनिवार्य कर ऑफलाइन व्यवस्था समाप्त कर दी है। इससे 13 लाख पेंशनर परेशान हैं, क्योंकि बुजुर्ग पेंशनर डिजिटली बिल भरने में सक्षम नहीं हैं और कार्यालय मैनुअल बिल स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
लखनऊ में धरना बी.एन. सिंह प्रतिमा स्थल पर जिलाध्यक्ष मंगल सिंह की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने सरकार की नीतियों को कर्मचारी-पेंशनर विरोधी बताया और 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली आक्रोश रैली में शामिल होने का आह्वान किया।
प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि 28 सितंबर को मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में हुई पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में दोनों विकल्प रखने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी.एल. कुशवाहा और महामंत्री ओ.पी. त्रिपाठी ने कहा कि जब माननीय विधायकों के लिए ऑफलाइन बिल जमा करने की व्यवस्था बहाल की जा सकती है, तो 60 से 90 साल के बुजुर्ग पेंशनरों के लिए क्यों नहीं? राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस०पी० सिंह एवं सचिव एस०के० मिश्रा ने कहा कि सरकार को सोचना चाहिये कि प्रदेश में 13 लाख पेंशनर अकेले नहीं है। हर कोई 10-5 सदस्यों के परिवार का मुखिया सबको जोड़कर 01 करोड़ लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इनका दुःख और गुस्सा सरकार की सेहत के लिए मुफीद नहीं होगा। कलेक्टर चैम्बर में बैठकर नई-नई युक्ति निकालते रहते हैं। उनको जनता के सामने जाना नहीं है, पर महात्मा मुख्यमंत्री को तो लाखों बुजुर्ग पेंशनर्स की दशा पर संवेदनशील होना चाहिये।
प्रतिनिधियों ने सरकार को सचेत किया कि इस व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आन्दोलन तेज करना संगठन की विवशता होगी।
धरना में सर्वश्री ओ०पी० राय, आर०पी० अवस्थी, अशोक कुमार मौर्या, विश्व मोहन शुक्ला, उमाशंकर उपाध्याय, गंगाधर निरंकारी, ललित प्रकाश सक्सेना, सुधीर सक्सेना, रामस्वरूप कश्यप, कमल अग्रवाल, रामभजन मौर्या, एस०के० अवस्थी, जे०पी० पाण्डेय, अशोक मिश्रा, गंगाराम गौतम, दिनेश चन्द्र बाजपेयी, कमलेश पाठक, अम्बरीश अग्निहोत्री, अफीफ सिद्दीकी, एस०के० पाण्डेय, भगवान सिंह वर्मा, श्याम सिंह राठौर, बाबूलाल वर्मा, शम्भूलाल गुप्ता, श्री कृष्ण पाण्डेय, रामशंकर श्रीवास्तव, गोकुल सिंह, रामगुलाम पाल, दयाराम सोनकर, राजकुमार सिंह, आर०डी० कनौजिया, शंकर लाल मिश्रा, विनोद कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, शिवकुमार सिंह आदि ने सम्बोधित किया है।

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