लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
कानपुर के बाबूपुरवा निवासी परचून दुकानदार ने राष्ट्रपति से लेकर एसएसपी कानपुर को पत्र भेजकर परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है। हामिद ने बताया कि वर्ष 2016 में उसने अपनी बेटी की शादी रेलबाजार निवासी रिटायर्ड दरोगा के पुलिस विभाग में ऑपरेटर के पद पर तैनात बेटे से की थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही बेटी के ससुराली जन दहेज में बाइक और चेन न लाने पर प्रताड़ित करते थे। जान से भी मारने की कोशिश की। मामले में उन्होंने रेलबाजार थाने में ससुरालजनों पर दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है की थाना पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई के बजाए उन्हें ही फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रही है। पुलिस से परेशान दुकानदार ने इसीलिए इच्छामृत्यु की मांग की है।