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Showing posts from April, 2021

समय पर इलाज और आधुनिक तकनीक से कैंसर को हराया जा सकता- डॉ० अंजली सचान

_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_   _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_   _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_   *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_   *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_   *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_   *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_   *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_   *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_   *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_   _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...

UP में अब CMO के रेफरल लेटर की भर्ती होने के लिए जरूरत नहीं ,24 घंटे में 34379 मरीज मिले,195 की मौत हुई

 उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के अंदर एक साथ 34,379 कोरोना मरीज मिले हैं जबकि एक दिन में 195 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ दिया। मौजूदा समय में प्रदेश में 2,59,810 के सक्रिय केस हैं। लखनऊ समेत पूरे राज्य को बड़ी राहत मिली है। इसके तहत अब कोरोना मरीजों को भर्ती होने के लिए CMO के रेफरल लेटर की जरूरत नहीं, अब लोग अस्पतालों में सीधे भर्ती हो सकेंगे। लखनऊ के हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बीते दो दिनों से एक से दो घंटे में प्राइवेट हॉस्पिटल से ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना आ रही है। लखनऊ में 5239 नए केस मिले और सुखद बात यह है कि, 6207 मरीज ठीक हुए हैं। 19 मरीजों की मौत हुई अब 54,967 मरीज़ सक्रिय हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, डीएम और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोविड-19 को लेकर समीक्षा कर रहे है। डायरेक्ट भर्ती होने वालों मरीजों को दो श्रेणी में एक लेवल से 3 लेवल में देना होगा फ़ीस प्रभारी जिला अधिकारी डॉ रोशन जैकब ने संशोधन लेटर जारी करते हुए लिखा है कि लेवल-1 संक्रमित रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड ऑक्सीजन सुधार सहित बेड 10,000 प्रति दिवस पीपी की 12,000 ...

यूपी: जानमाल का आंधी-तूफान से नुकसान, मुख्यमंत्री योगी ने आकलन कर राहत के दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात आए आंधी तूफान एवं बारिश से हुए नुक़सान का आकलन करने एवं प्रभावितों को शीघ्र राहत प्रदान किए जाने का निर्देश सम्बंधित जिलों के अफसरों को दिया हैं। राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद इसकी मॉनिटरिंग कर रहें हैं।वहीं, अयोध्या में तेज रफ्तार आंधी तूफान से दीवार गिरने से दो की मौत हो गई व एक व्यक्ति घायल हो गया। दो मवेशियों की भी दबकर मौत हो गई।मवई थाना क्षेत्र के रसूल पुर मजरे कुशहरी गाँव में रात को आंधी-तूफान से दीवार गिरी। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। वहीं घायल लड़के की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया है।

UP में अब CMO के रेफरल लेटर की भर्ती होने के लिए जरूरत नहीं ,24 घंटे में 34379 मरीज मिले,195 की मौत हुई

 उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के अंदर एक साथ 34,379 कोरोना मरीज मिले हैं जबकि एक दिन में 195 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ दिया। मौजूदा समय में प्रदेश में 2,59,810 के सक्रिय केस हैं। लखनऊ समेत पूरे राज्य को बड़ी राहत मिली है। इसके तहत अब कोरोना मरीजों को भर्ती होने के लिए CMO के रेफरल लेटर की जरूरत नहीं, अब लोग अस्पतालों में सीधे भर्ती हो सकेंगे। लखनऊ के हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बीते दो दिनों से एक से दो घंटे में प्राइवेट हॉस्पिटल से ऑक्सीजन खत्म होने की सूचना आ रही है। लखनऊ में 5239 नए केस मिले और सुखद बात यह है कि, 6207 मरीज ठीक हुए हैं। 19 मरीजों की मौत हुई अब 54,967 मरीज़ सक्रिय हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, डीएम और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोविड-19 को लेकर समीक्षा कर रहे है। डायरेक्ट भर्ती होने वालों मरीजों को दो श्रेणी में एक लेवल से 3 लेवल में देना होगा फ़ीस प्रभारी जिला अधिकारी डॉ रोशन जैकब ने संशोधन लेटर जारी करते हुए लिखा है कि लेवल-1 संक्रमित रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड ऑक्सीजन सुधार सहित बेड 10,000 प्रति दिवस पीपी की 12,000 ...

यूपी: योगी सरकार की ऑक्सीजन व बेड की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें, अब दो मंत्री संभालेंगे व्यवस्था

  उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन व बेड की कमी ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखनऊ समेत लगभग सभी जिलों से ऑक्सीजन और बेड की कमी की सूचनाएं मिल रही हैं। अब ऑक्सीजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को सौंपी गई है। उधर, युद्ध स्तर पर बेड की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को युद्ध स्तर पर प्रयास करने को कहा गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री को बड़े ऑक्सीजन प्लांट से समन्वय करके अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑक्सीजन सप्लाई लगातार बनी रहे इसके लिए हर संभव प्रयास करने को कहा गया है। वहीं, सिद्धार्थ नाथ सिंह को ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली एमएसएमई इकाइयों से समन्वय करके छोटे अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई कराने का जिम्मा सौंपा गया है। औद्योगिक ऑक्सीजन बनाने वाली इन इकाइयों को मेडिकल ऑक्सीजन बनाने के लिए लाइसेंस की दिक्कत आ रही थी। पर, मौजूदा हालात को देखते हुए एमएसएमई इकाइयों को 31 दिसंबर 2021 तक लाइसेंस का नवीनीकरण और औद्योगिक के स्थान पर मेडिक...