होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
तीन बार नगर प्रमुख रहे दाऊजी गुप्ता का रविवार को निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। तीन दिन पहले ही उन्होंने कोरोना से जंग जीती थी। पूर्व नगर प्रमुख के पौत्र सात्विक ने बताया कि उनके बाबा को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। इसके बाद वह 13 अप्रैल को संक्रमित हो गए और होम आइसोलेशन में रहे। तीन दिन पहले जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ गई, पर उनकी तबीयत नहीं सही हुई। उनको बहुत कमजोरी थी और कुछ खा-पी भी नहीं पा रहे थे। रविवार दोपहर उनका सुगर बढ़ गया। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। सावित्व के ने बताय कि पूर्व नगर प्रमुख के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी दिल्ली में है वह लखनऊ आ रही है। दाऊजी गुप्ता तीन बार शहर के नगर प्रमुख रहे। पहली बार वह 1971 में नगर प्रमुख बने। सालभर के बाद प्रशासक काल आ गया। इसके बाद व दोबारा 1973 में नगर प्रमुख बने। उस वक्त नगर प्रमुख का कार्यकाल एक साल का होता था। दूसरी बार जब वह नगर निगम थे तो उसी बीच नगर प्रमुख का कार्यकाल बढ़कर तीन साल का हो गया। इसके बाद तीसरी बार वह 1989 में नगर प्रमुख बने और 1992 तक रहे। जन्म-15 मई 1940 मृत्यु-02 मई ...