लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
कंगना राणावत का बिंदास रियलिटी शो ‘लॉक अप’ अपने फिनाले की ओर बढ़ रहा है, और कंटेस्टेंट्स टॉप पर पहुंचने के लिए एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। पिछले हफ्ते शिवम शर्मा फिनाले का टिकट जीतने वाले पहले कंटेस्टेंट बने थे और आज मुनव्वर फारूकी फिनाले में पहुंचने वाले दूसरे कंटेस्टेंट बन गए। ‘लॉक अप’ अपने लॉन्च के समय से ही ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शोज़ में से एक बना हुआ है। इस शो में लगातार आ रहे ट्विस्ट और टर्न्स ने दर्शकों में दिलचस्पी जगाए रखी है। जैसे-जैसे फिनाले के करीब पहुंच रहे हैं, कंटेस्टेंट्स अपनी रणनीति और गेम प्लान बदलने लगे हैं। गेम के दौरान सायशा शिंदे, पूनम पांडे, मुनव्वर फारुकी और पायल रोहतगी को एक सुरंग खोजने का काम दिया गया, जो उन्हें एक गुप्त कमरे में ले जाती है। चारों ने सुरंग में प्रवेश किया, लेकिन पायल आखिरी थी, और केवल तीन को ही आगे जाने दिया गया। मुनव्वर, सायशा और पूनम को फिर पहेलियां बुझाने को कहा गया। उनके संयुक्त जवाब से ताले खुलने थे, जो उन्हें खेल के अगले लेवल पर ले जाते! मुनव्वर ने अपना ताला खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे पूनम को सायशा पर गुस्सा...