राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों में नर्सेज का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। 9 अक्टूबर से शुरू हुए इस आंदोलन के तहत नर्सें बांह पर काला फीता बांधकर अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसी क्रम में आज लखनऊ स्थित बलरामपुर चिकित्सालय में भी काला फीता आंदोलन जारी रहा। आंदोलनकारी नर्सेज का आरोप है कि कार्य प्रभावित किए बिना शांतिपूर्ण विरोध जताने के बावजूद शासन-प्रशासन उनकी मांगों को लेकर अभी तक पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शनिवार को एटा और मैनपुरी जिले में 190 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। शासन के निर्देश पर हुई जांच में इन शिक्षकों के बीएड के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। मैनपुरी जनपद में एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए 74 शिक्षक शनिवार को बर्खास्त कर दिए गए। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। ये शिक्षक पिछले 10 साल से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले जिले के 78 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। नवंबर 2017 में एसआईटी ने इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए सीडी बीएसए कार्यालय को भेजी थी 33 शिक्षकों के बीएड अंकपत्र हैं फर्जी शेष चार शिक्षकों को अभी प्रथम बर्खास्तगी नोटिस ही जारी किया जा सका है। जबकि बर्खास्त किए गए सभी 74 शिक्षकों को तीन बार बर्खास्गी नोटिस जारी किए गए। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से 33 शिक्षकों का बीएड अंकपत्र फर्जी है। वहीं 41 शिक्षकों ...