_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
उत्तर प्रदेश में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शनिवार को एटा और मैनपुरी जिले में 190 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। शासन के निर्देश पर हुई जांच में इन शिक्षकों के बीएड के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। मैनपुरी जनपद में एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए 74 शिक्षक शनिवार को बर्खास्त कर दिए गए। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। ये शिक्षक पिछले 10 साल से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले जिले के 78 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। नवंबर 2017 में एसआईटी ने इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए सीडी बीएसए कार्यालय को भेजी थी 33 शिक्षकों के बीएड अंकपत्र हैं फर्जी शेष चार शिक्षकों को अभी प्रथम बर्खास्तगी नोटिस ही जारी किया जा सका है। जबकि बर्खास्त किए गए सभी 74 शिक्षकों को तीन बार बर्खास्गी नोटिस जारी किए गए। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से 33 शिक्षकों का बीएड अंकपत्र फर्जी है। वहीं 41 शिक्षकों ...