लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
ऑफलाइन शतप्रतिशत और ऑन लाइन 96.03 प्रतिशत सहमति पत्र मिले लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली के लिए केन्द्र और राज्य स्तर पर किए जा रहे आन्दोलन के क्रम में अब कार्मिको और शिक्षकों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस संदर्भ में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केन्द्रीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार हर विभाग के कार्मिकों और शिक्षकों से आन लाइन और ऑफलाइन सहमति पत्र मांगे गए थे। प्रदेश में यह अभियान 21नवम्बर से तीस नवम्बर तक चलाया गया है। इस अभियान में अब तक 100 प्रतिशत ऑफ लाइन एवं 96.03 प्रतिशत ऑॅन लाइन सहमति पत्र प्राप्त हुए। यह जानकारी आज संयुक्त परिषद कार्यालय राजभवन के समक्ष जिलाध्यक्ष अमिता त्रिपाठी और जिला मंत्री सुभाष चन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से दी। पत्रकारों से बॉतचीत में अन्य विभागों के पदाधिकारियों ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार के साझा मंच द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके है। प्रदेश स्तर पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए जनपदों में प्रदर्शन, रथ यात्रा और मौन वृत जैसे आन्दोलन के उपरान्त हड़ताल पर जाने के लिए 21 से...