लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
डी0ए0वी0 पी0जी0 कालेज, लखनऊ की प्रबन्ध समिति के निर्वाचन के क्रम में कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा नामित पर्यवेक्षक डा0 दुर्गेश श्रीवास्तव, प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के पर्यवेक्षण में तथा निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह, अधिवक्ता माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ के संचालन में हुये निर्वाचन को अपने पत्रांक संख्या MF-26883/सम्बद्धता अनु0/2023 दिनाॅक 28.11.2023 द्वारा अनुमोदित किया गया है।
प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष डा0 सत्यकाम आर्य, उपाध्यक्ष श्री अजय कुमार सिंह, प्रबंधक श्री मनमोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश मौर्या तथा 07 सदस्य निर्वाचित किये गये व 05 सदस्य पदेन नामित हुये।

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