लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
देश के प्रमुख शिक्षा संस्थानों में से एक जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट, लखनऊ ने अपने सालाना फेस्ट ओजस’24 की वापसी की घोषणा की है।ओजस’24 की थीम है ‘नाइन्टीज़ नॉस्टेल्जिया’ एक यात्रा जो 1990 के सुनहरे दौर में ले जाती है। यह थीम उस दशक की मशहूर फिल्मों, संगीत एवं कार्टून का जश्न मनाती है। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे से लेकर इंडीपॉप हिट्स और दर्शकों के पसंदीदा क्लासिक जैसे टॉम एण्ड जैरी तक, यह फेस्ट उपस्थितगणों को कैसेट टेप, वीसीआर और झनकार बीट्स की दुनिया में ले जाएगा तथा आज के दौर की वाइब्रेन्ट एनर्जी को नई परिभाषा देगा। ओजस संस्थान का प्रमुख आयोजन है, जो संस्कृति, संगीत, नेतृत्व एवं रचनात्मकता का जश्न मनाता है। यह संस्कृति के आदान-प्रदान के लिए बेहतरीन मंच है जो छात्रों एवं उपस्थितगणों को यादगार अनुभव प्रदान करता है। ‘जयपुरिया लखनऊ ओजस 2024 के साथ नब्बे के दशक के जादू को फिर से जगाने के लिए तैयार है। यह उभरती प्रतिभा को अपनी क्षमता एवं रचनात्मकता दर्शाने का मौका देगा तथा इनोवेशन एवं सौहार्द्र के साथ यादगार अनुभव प्रदान करेगा।’ डॉ कविता पाठक, डायरेक्टर, जयपुरिया इंस...