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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

दिवाली के अवसर पर आयोजित हुई 5 दिवसीय सिल्क प्रदर्शनी



दीपावली पर साड़ी और सूट के 25000 से भी ज्यादा नए डिजाइन उपलब्ध 

लखनऊ ,  उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट एक्स्पो द्वारा ‘’फाइबर टू सिल्क फैब ‘’ प्रदर्शनी व सेल, लखनऊ के ‘सफ़ेद बारादरी, कैसरबाग, लखनऊ में यह प्रदर्शनी दिनांक 05 नवम्बर से 10 नवम्बर 2023 समय 11:00 से रात्रि 9:00 तक चलेगी | प्रदर्शनी का उद्घाटन, श्री एस पी सिंह बघेल , स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, राज्य मंत्री, भारत सरकार के द्वारा दीप  प्रज्वलित  कर के  किया गया।

उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट एक्स्पो के आयोजक श्री आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि “ संस्थान  द्वारा आयोजित ’फाइबर टू सिल्क फैब प्रदर्शनी व सेल में देश भर से आए सिल्क बुनकरों व डिजाइनरों ने अपने अपने प्रदेश संस्कृति काव्य और त्योहारों को सिल्क पर छापा है,  लखनऊ में आयोजित फाइबर टू सिल्क फैब का मकसद देशभर के सिल्क उत्पादों का एक ही छत के तले प्रदर्शनी करना है



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एक्जीविशन में गुजरात की पटोला सिल्क , तेलांगना की उपाडा  सिल्क तमिलनाडु की कांजीवरम सिल्क , महाराष्ट्र की पैठानी सिल्क, पर गई कलाकारी लोगो को अपनी ओर खीच रही है| इस प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल के काला हस्ती से आए बुनकर ने भगवान श्री कृष्ण के नोका विहार का द्रश्य सिल्क पर पेंट किया किया है | इस द्रश्य में भी तमिलनाडु से आए बुनकर 1 ग्राम सोने की जरी से तैयार साड़ी लेकर आऐ है इस ट्रेडिशनल कांजीवरम साड़ी को बनाने में 2 माह का समय लगा है आंध्रा के पोचमपल्ली से आए डिजाईनर ने सिल्क पर ग्रामीणों के जनजीवन को उकोरा है | गांवो के मेले खेतो में जाती बैलगाड़ी के द्रश्य और आदिवासी जनजीवन की झलक सिल्क को खास बना रही है इसी साड़ियो को लधाख के त्रिपुड़ा में भेड़ो के बाल को सूतकर बनाया जाता है  और फिर इन पर पेंटिंग की जाती है | दस साड़ियो पर बनी डीजायनो में कश्मीरी केशर की डीजायन के साथ ही कश्मीरी कहावा भी है | इसके साथ ही प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ से कोसा, घिचा, मलबरी रॅा सिल्क, एब्लॉक प्रिंटेड सिल्क साड़ी गुजरात से बान्धनी, पाटोला कच्छ एम्ब्रोयडरी , मिरर वर्क एवं डिजाइनर कुर्ती , मध्य प्रदेश से चंदेरी , महेश्वरी काटन एण्ड सिल्क साडी सूट , डकारी जामदानी  एवं  बनारसी सिल्क , तान्चोयी सिल्क, मैसूर सिल्क की साड़ीयो के साथ धर्मावरम तस्सर, ढाका, वही डिजाइनर ब्लाउज , सलवार सूट, पंजाब की फुलकारी वर्क सूट व् साडी हैदराबाद की हैवी नेकलेस, नोज पिन , रिंग, बैंगल्स, मांग टीका , कमरबंद, और मुंबई वेस्टर्न पैटर्न ज्वैलरी व पालकी ज्वैलरी भी है l

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