बलरामपुर।जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। *पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद -* इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को न...
कानपुर: लोगों के कपड़े प्रेस करके जीवन यापन करने वाले देहली सुजानपुर निवासी हरिश्चंद्र कनौजिया के बेटे सुशील कुमार ने साबित कर दिखाया कि उड़ान पंखों से नहीं बल्कि हौसलों से होती है। अभावों में पले बढ़े सुशील ने नेवल सीनियर सेकेंडरी रिक्रूटमेंट-2019 की परीक्षा में सेलर (ग्रुप सी) पद पर सफलता हासिल की है। 17 अगस्त से कर्नाटक स्थित कारवार नेवल स्टेशन में उनकी शिप ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
सुशील के पिता कानपुर के किदवई नगर हनुमान मंदिर के पास सालों से कपड़े प्रेस करते आ रहे हैं। सुशील ने बताया कि उसने केंद्रीय विद्यालय चकेरी से इंटरमीडिएट किया है। पापा और मम्मी का सपना था कि घर का कोई सदस्य नेवी या पुलिस में जाए।
तभी से उसने इसे अपना धेय बना लिया था आखिर सफलता मिल गई। नेवी की परीक्षा के साथ यूपी पुलिस 2019 की परीक्षा में भी उसे सफलता मिली है लेकिन वह नेवी में ही नौकरी करेगा। हरिश्चंद्र ने बताया कि पढ़ाई का महत्व वे अच्छे से जानते हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।
खुद भी स्नातक पास हैं लेकिन कोई नौकरी न मिलने की वजह से पिता के इस काम में हाथ बटाने लगा। बाबा भी यही काम करते थे। हरिश्चंद्र का बड़ा बेटा सूरज हैलट अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है। छोटे बेटे सुशील का नेवी में चयन हुआ है। दो बेटियां हैं, वे भी पढ़ाई कर रही हैं।
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