प्रमुख सचिव आयुष पर गंभीर आरोप, DPC न कराने से पिछड़े-दलित कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है - पतरू राम विश्वकर्मा
जनपद आजमगढ़ निवासी आर टी आई एक्टिविस्ट पतरु राम विश्वकर्मा आज मीडिया के सम्मुख उपस्थित होकर मीडिया बंधु को आयुष विभाग में लम्बे समय से रिक्त पदों पर डी पी सी विभागीय पदोन्नति न कराये जाने में प्रमुख सचिव आयुष उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ की भूमिका संदिग्ध बताया, एक्टिविस्ट पतरु राम विश्वकर्मा ने बताया कि कि आयुष विभाग में लम्बे समय से रिक्त पदों पर डी० पी० सी० विभागीय पदोन्नति कराए जाने हेतु मेरे द्वारा जनहित के साथ साथ आयुष विभाग में कार्यरत ओ बी सी. अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए दर्जनों पत्र महामहिम राज्यपाल महोदया, मा. मुख्यमंत्री जी, आयुष मंत्री जी स्वतंत्र प्रभार सहित संबंधित एवं प्रमुख सचिव आयुष को प्रेषित करने के साथ साथ दिनांक 15.07.2026 को प्रमुख सचिव आयुष से मिल कर पूर्व में दिए गए समस्त प्रार्थना पत्रों को संलग्न कर एक प्रार्थना पत्र हस्तगत किया गया किन्तु कार्यवाही नहीं हुई।
सवाल ये उठता है कि आयुष विभाग में लम्बे समय से रिक्त पदों पर डी० पी० सी० विभागीय पदोन्नति प्राप्त करना, वरिष्ठ अधिकारीयो / कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है, उन रिक्त पदों पर पदोन्नति जिन्हें मिलना है उनमें ज़्यादातर पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के अधिकारी और कर्मचारी हैं, क्या सरकार और शासन पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति विरोधी है. क्या वर्तमान सरकार पिछड़ों, अनुसूचितों क्या वोट लेकर सत्ता पर कब्जा जमाये रखते हुए उन्हें मिलने वाले लाभसे वंचित रखने का मन बनाकर उन्हें उनके हक और अधिकार से वंचित करना चाहती है।
मैं महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी से आग्रह करता हूं कि मेरे द्वारा प्रेषित शिकायती प्रार्थना पत्र का संज्ञान ले कर डी पी सी अब तक नहीं कराए जाने की तथा संविदा कार्मिकों को शासनादेश विरुद्ध संबद्ध करने की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए तत्काल आयुष विभाग में लम्बे समय से रिक्त पदों पर डी० पी० सी० विभागीय पदोन्नति कराए जाने हेतु संबंधित को निर्देशित करते हुए जनहित में हम शिकायतकर्ता को भी अवगत कराने की कृपा करें।

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