लखनऊ। किसान मजदूर संघर्ष पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी तैयारियां तेज करते हुए प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है और पार्टी चुनाव में एक नया राजनीतिक प्रयोग करने जा रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) सुनील भारतीय ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी जाति और धर्म की राजनीति से अलग किसान, मजदूर, युवा, महिला तथा आम नागरिकों के मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देगी।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए आठ प्रमुख संकल्प सामने रखे हैं। इनमें 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, किसान-मजदूर परिवारों के लिए मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य बीमा, किसानों की उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य, महंगाई और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर बढ़ाना, निम्न आय वर्ग के परिवारों के कर्ज से संबंधित राहत, महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी तथा मजदूरों के सम्मान और पेंशन से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
पार्टी ने किसानों के लिए फसलों के लाभकारी मूल्य, खाद, बिजली और रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। मनरेगा में रोजगार के दिनों को बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करने का भी संकल्प व्यक्त किया गया है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ महिला सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था तथा पंचायत से लेकर विधानसभा स्तर तक राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है। मजदूरों के लिए सम्मानजनक जीवन और पेंशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा गया है।
पार्टी ने “खोजो अपना नेता” अभियान शुरू करने की घोषणा करते हुए गांव-गांव जाकर ईमानदार, शिक्षित और समाजसेवी लोगों को आगे लाने की अपील की है। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि चुनाव को केवल राजनीतिक दलों का मुकाबला न मानकर आम जनता के मुद्दों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


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