मुथूट फाइनेंस के सी. एस. आर. सहयोग से दिव्यांग खिलाड़ियों को मिली व्हीलचेयर एवं क्रिकेट किट, समावेशी खेलों को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ में दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तीकरण और खेलों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लेट्स गिव होप फाउंडेशन (Let’s Give Hope Foundation) द्वारा मुथूट फाइनेंस के सी एस आर सहयोग से व्हीलचेयर एवं क्रिकेट किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योलो हार्मनी पार्क स्पोर्ट्स एरीना एंड टर्फ में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग देना है। साथ ही इनर व्हील क्लब बारादरी लखनऊ का भी सहयोग मिला।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के इन खिलाड़ियों सोमजीत सिंह (लखनऊ), अरविंद विश्वकर्मा (मिर्जापुर), हरीश कुशवाहा (झाँसी), आफताब अंसारी (हरिद्वार), राजा बाबू (गाजियाबाद), गौरव यादव (मेरठ), जीशान अंसारी (मेरठ), अनामिक गुर्जर (मेरठ), अनिल सिंघानिया (ललितपुर), अनमोल वशिष्ठ (मेरठ) और इरफान हैदर (अंबेडकर नगर) को व्हीलचेयर और क्रिकेट किट प्रदान की गई।
कार्यक्रम के लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय को मुख्य अतिथि, डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव स्क्वाड्रन लीडर अभय प्रताप सिंह (सेवानिवृत्त) को विशिष्ट अतिथि तथा उत्तर प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री विजय सिंह बिष्ट को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। मुथूट फाइनेंस की ओर से श्री विवेक जी ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
लेट्स गिव होप फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री आशीष मौर्या ने इस पहल में सहयोग के लिए मुथूट फाइनेंस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेल दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम हैं। उचित अवसर और आवश्यक संसाधन मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं तथा खेल जगत में नई उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संस्था का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को समान अवसर और सहयोग उपलब्ध हो, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा, सपनों और उपलब्धियों की सीमा निर्धारित नहीं करती। समान अवसर, उचित संसाधन और सहयोग मिलने पर प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकता है।

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