लखनऊ, देश के दिग्गज नेता और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान जी की आज 6वीं पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजक स्वयं उनके पुत्र और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान थे। सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य रूप से शामिल हुए और स्व. पासवान के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर चिराग पासवान ने भावुक होते हुए सोशल मीडिया पर आभार जताया। चिराग ने एक्स पर लिखा - *"योगी जी ने अपना बहुमूल्य समय निकालकर पापा को श्रद्धांजलि दी। उनका खुद आकर श्रद्धांजलि देना मेरे और मेरे परिवार के लिए सम्मान का क्षण है। इससे साफ है कि पापा और योगी जी का रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्नेह और आत्मीयता का था।"* स्व. रामविलास पासवान को दलितों-पिछड़ों की आवाज माना जाता था और उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करने में लगा दिय...
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्म को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। कोलकाता में एक कार्यक्रम में गुरुवार को ममता ने कहा कि धर्म पुरुषों को महिलाओं और बहनों का सम्मान करना सिखाता है। धर्म का मतलब केवल बड़े-बड़े धार्मिक उपदेश देना नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि धर्मों ने भारत को आपसी भाईचारे के साथ रहना सिखाया है, न कि विभाजन करना और शोषण करना। उन्होंने कहा, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, गुरु नानक, भगवान बुद्ध, गांधीजी और अन्य लोगों ने लोगों में सद्भावना का भाव भरा।
ममता ने कहा कि हम एक अखंड भारत से प्यार करते हैं, न कि एक-दूसरे को विभाजित करते हैं। हमारे यहां कई देवी-देवता हैं और हम सबकी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा, हिंदू धर्म ने सभी का खुले हाथों से अभिवादन करना, संयम रखना और सहनशील बनना सिखाया है। उन्होंने कहा कि देश के कल्याण से ही हमारा कल्याण संभव है। हमारी ताकत विविधता में एकता है।
ममता ने आगे कहा कि 2018 में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 125 साल होने के मौके पर अमेरिका में कार्यक्रम रखा गया था। मैं वहां जाना चाहती थी। मुझे सूचित किया गया कि कुछ कारणों से कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।
ममता ने आरोप लगाया कि मुझे पता है कि आयोजनकर्ताओं पर इसका दबाव बनाया गया था, क्योंकि मैंने वहां जाने की इच्छा जताई थी।
ममता बनर्जी ने कहा कि धर्मों ने भारत को आपसी भाईचारे के साथ रहना सिखाया है, न कि विभाजन करना और शोषण करना। उन्होंने कहा, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, गुरु नानक, भगवान बुद्ध, गांधीजी और अन्य लोगों ने लोगों में सद्भावना का भाव भरा।
ममता ने कहा कि हम एक अखंड भारत से प्यार करते हैं, न कि एक-दूसरे को विभाजित करते हैं। हमारे यहां कई देवी-देवता हैं और हम सबकी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा, हिंदू धर्म ने सभी का खुले हाथों से अभिवादन करना, संयम रखना और सहनशील बनना सिखाया है। उन्होंने कहा कि देश के कल्याण से ही हमारा कल्याण संभव है। हमारी ताकत विविधता में एकता है।
ममता ने आगे कहा कि 2018 में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 125 साल होने के मौके पर अमेरिका में कार्यक्रम रखा गया था। मैं वहां जाना चाहती थी। मुझे सूचित किया गया कि कुछ कारणों से कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।
ममता ने आरोप लगाया कि मुझे पता है कि आयोजनकर्ताओं पर इसका दबाव बनाया गया था, क्योंकि मैंने वहां जाने की इच्छा जताई थी।
Comments
Post a Comment