लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन में भी कई विदेशी ऐसे हैं जो बेधड़क अब भी बाहर निकल रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली के बसंत विहार का है। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने गश्त के दौरान उरुग्वे की एक महिला को बिना ग्लव्स और मास्क के साइकिल चलाने पर रोका तो उसने पुलिस से बहस शुरू कर दी। महिला ने ग्लव्स और मास्क पहनने के लिए कहने वाले पुलिस अधिकारी का नाम भी नोट किया। हाल में ही बड़ी संख्या में विदेशी जमाती भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े गए हैं। निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने आए ये विदेशी बिना जांच कराए फरार हो गए थे। विभिन्न राज्यों की पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद जब इनका टेस्ट करवाया गया तो इनमें से अधिकतर कोरोना पॉजिटिव निकले। इन विदेशियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। दिल्ली, लखनऊ, रांची, पटना समेत कई जगहों पर मस्जिदों में विदेशी निजामुद्दीन मरकज में 216 विदेशियों के अलावा लखनऊ में 13, रांची के मस्जिदों में 30, पटना के मस्जिदों में 10 विदेशी पकड़े गए हैं। वहीं दिल्ली के चांदनी महल इलाके से शनिवार को सरकारी एजेंसियों ने पांच दिन के अभियान के बाद 13...