संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन में भी कई विदेशी ऐसे हैं जो बेधड़क अब भी बाहर निकल रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली के बसंत विहार का है। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने गश्त के दौरान उरुग्वे की एक महिला को बिना ग्लव्स और मास्क के साइकिल चलाने पर रोका तो उसने पुलिस से बहस शुरू कर दी। महिला ने ग्लव्स और मास्क पहनने के लिए कहने वाले पुलिस अधिकारी का नाम भी नोट किया।
हाल में ही बड़ी संख्या में विदेशी जमाती भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े गए हैं। निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने आए ये विदेशी बिना जांच कराए फरार हो गए थे। विभिन्न राज्यों की पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद जब इनका टेस्ट करवाया गया तो इनमें से अधिकतर कोरोना पॉजिटिव निकले। इन विदेशियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।
दिल्ली, लखनऊ, रांची, पटना समेत कई जगहों पर मस्जिदों में विदेशी
निजामुद्दीन मरकज में 216 विदेशियों के अलावा लखनऊ में 13, रांची के मस्जिदों में 30, पटना के मस्जिदों में 10 विदेशी पकड़े गए हैं। वहीं दिल्ली के चांदनी महल इलाके से शनिवार को सरकारी एजेंसियों ने पांच दिन के अभियान के बाद 138 विदेशियों को पकड़ा है। ये सभी निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे। इन विदेशियों में 18 महिलाएं भी शामिल हैं जो कुछ लोगों के घरों में रुकी हुई थी। जब इनका टेस्ट किया गया तो आधे से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव निकले।
टूरिस्ट वीजा पर मिशनरी गतिविधियां
निजामुद्दीन का मामला सामने आने के बाद तबलीगी जमात के देश के बाकी मरकजों में भी विदेश से आए लोगों का पता चला है। तेलंगाना से लेकर यूपी और झारखंड तक तमाम राज्यों में कई मस्जिदों से अब तक 700 से ऊपर विदेशी पकड़े गए हैं। इनमें से ज्यादातर टूरिस्ट वीजा पर भारत आए हैं। इस खुलासे के बाद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि टूरिस्ट वीजा पर आए वे लोग जो मिशनरी गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं उन्हें वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा और उसी हिसाब से उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
टूरिस्ट वीजा जारी करने से पहले अब होगी गहन पड़ताल
सरकार ने फैसला किया है कि अगर कोई विदेशी भारत आकर तबलीगी गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहता है तो उसे टूरिस्ट वीजा नहीं जारी किया जाएगा। यह फैसला इस खुलासे के बाद लिया गया है कि 1 जनवरी से इस साल अब तक भारत के तमाम हिस्सों में तबलीगी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए करीब 2100 विदेशी आए हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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