होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
देश में कोरोना को मात देने के लिए 14 अप्रैल को खत्म हो रहे लॉकडाउन को दो सप्ताह यानी 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी की शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लॉकडाउन बढ़ाने पर आमराय बनी। हालांकि, कुछ रियायतें दी जा सकती हैं। इसका औपचारिक एलान पीएम मोदी रविवार या सोमवार को करेंगे।
सरकार ने केंद्रीय मंत्रियों से कार्यालयों में सोमवार से काम करने को कहा है। मंत्रालयों को निर्देश दिए हैं कि संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के अफसर विभागों में काम शुरू करें। हर मंत्रालय में आवश्यक कर्मचारियों के एक तिहाई की उपस्थिति जरूरी है। दरअसल, सरकार हॉटस्पॉट की पहचान और लॉकडाउन खत्म होने के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने के उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
ऐसे में माना जा रहा है कि देश में लगे लॉकडाउन का आगे बढ़ना लगभग तय है, ऐसे में लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के साथ ही सरकार प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या के आधार पर तीन जोन में बांट सकती है।
रेड जोन:
- जिन जिलों में सबसे ज्यादा केस व हॉटस्पॉट होंगे। यहां कोई गतिविधि नहीं होगी।
ऑरेंज जोन:
- जहां कुछ ही केस मिले और पॉजिटिव मामले नहीं बढ़ेे। इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन, फसल कटाई जैसी सीमित गतिविधियों की अनुमति।
ग्रीन जोन:
- जहां एक भी केस नहीं। इन क्षेत्रों में एमएसएमई को इजाजत होगी, पर कर्मचारियों को सामाजिक दूरी बनाते हुए उद्योग के अंदर ही काम करना होगा। ग्रीन व ऑरेंज जोन में सामाजिक दूरी के साथ कृषि गतिविधियों की अनुमति।
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