बलरामपुर।जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। *पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद -* इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को न...
देश में कोरोना को मात देने के लिए 14 अप्रैल को खत्म हो रहे लॉकडाउन को दो सप्ताह यानी 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी की शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लॉकडाउन बढ़ाने पर आमराय बनी। हालांकि, कुछ रियायतें दी जा सकती हैं। इसका औपचारिक एलान पीएम मोदी रविवार या सोमवार को करेंगे।
सरकार ने केंद्रीय मंत्रियों से कार्यालयों में सोमवार से काम करने को कहा है। मंत्रालयों को निर्देश दिए हैं कि संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के अफसर विभागों में काम शुरू करें। हर मंत्रालय में आवश्यक कर्मचारियों के एक तिहाई की उपस्थिति जरूरी है। दरअसल, सरकार हॉटस्पॉट की पहचान और लॉकडाउन खत्म होने के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने के उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
ऐसे में माना जा रहा है कि देश में लगे लॉकडाउन का आगे बढ़ना लगभग तय है, ऐसे में लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के साथ ही सरकार प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या के आधार पर तीन जोन में बांट सकती है।
रेड जोन:
- जिन जिलों में सबसे ज्यादा केस व हॉटस्पॉट होंगे। यहां कोई गतिविधि नहीं होगी।
ऑरेंज जोन:
- जहां कुछ ही केस मिले और पॉजिटिव मामले नहीं बढ़ेे। इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन, फसल कटाई जैसी सीमित गतिविधियों की अनुमति।
ग्रीन जोन:
- जहां एक भी केस नहीं। इन क्षेत्रों में एमएसएमई को इजाजत होगी, पर कर्मचारियों को सामाजिक दूरी बनाते हुए उद्योग के अंदर ही काम करना होगा। ग्रीन व ऑरेंज जोन में सामाजिक दूरी के साथ कृषि गतिविधियों की अनुमति।
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