लखनऊ, 13 सितंबर 2026।
महिलाओं और किशोरियों में तेजी से बढ़ रही PCOD (Polycystic Ovary Disease) की समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार, 13 सितंबर 2026 को गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में ‘Run For Her 3.0’ का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन PCOD Destigmatised Foundation द्वारा किया गया। संस्था की सेक्रेटरी डॉ. सीमा पाण्डेय ने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए महिलाओं को PCOD, प्रजनन स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और इसके प्रति जागरूक रहने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में विभिन्न मुख्य अतिथियों ने भागीदारी की, जिसमें विवेकानंद इंस्टीट्यूट एवं हॉस्पिटल के सेक्रेटरी स्वामी मुक्तिनाथ नंदा जी, भाजपा के वरिष्ठ सांसद श्री जयप्रकाश जी, युवा क्रांति मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कन्हैया शर्मा जी, MLC श्री पवन सिंह जी, पूर्व MLC श्री गुट्टू तिवारी जी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया एवं हरी झंडी दिखाकर ‘Run For Her 3.0’ रेस की शुरुआत की।
डॉ. सीमा पाण्डेय, जो PCOD Destigmatised Foundation की सेक्रेटरी हैं, के नेतृत्व में संस्था द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था द्वारा PCOD की समस्या के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कॉलेजों, संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को PCOD, स्वस्थ जीवनशैली, खान-पान की आदतों तथा इसके प्रबंधन और उपचार के विभिन्न तरीकों के बारे में जागरूक किया जाता है। महिलाओं एवं छात्राओं को PCOD को समझने, सही जीवनशैली अपनाने और इससे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जाता है। इसी क्रम में ‘Run For Her 3.0’ का आयोजन PCOD Destigmatised Foundation के अंतर्गत किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सीमा पाण्डेय ने बताया कि आज की अनियमित जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, बढ़ता तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और पर्याप्त नींद न लेने जैसी स्थितियों के कारण महिलाओं एवं युवा लड़कियों में PCOD के लक्षण बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, “PCOD को केवल अनियमित पीरियड्स की समस्या समझना सही नहीं है। यह एक हार्मोनल स्थिति है, जिसका प्रभाव महिलाओं की संपूर्ण सेहत और कुछ मामलों में उनकी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।”
PCOD से प्रभावित महिलाओं में अनियमित या देरी से पीरियड्स आना, वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे, अनचाहे बाल, बाल झड़ना और मूड में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन प्रभावित होने के कारण गर्भधारण की योजना बनाने में भी परेशानी हो सकती है।
डॉ. सीमा पाण्डेय के अनुसार, स्वस्थ एवं संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण और शरीर का उचित वजन बनाए रखना PCOD के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक महिला में इसके लक्षण और चिकित्सकीय आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई भी दवा या उपचार शुरू नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “PCOD डरने की नहीं, बल्कि समझने और सही तरीके से मैनेज करने की स्थिति है। समय पर जांच, जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव और आवश्यकता के अनुसार उपचार से महिलाएं अपनी प्रजनन एवं संपूर्ण सेहत को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं।”
PCOD Destigmatised Foundation महिलाओं और किशोरियों को PCOD तथा प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य PCOD से जुड़े भ्रम और झिझक को दूर कर महिलाओं को समय पर जांच, सही जीवनशैली और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में चिकित्सा एवं प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से Vanshati Fertility–IVF Center & Fertility Clinic की ओर से भी सहयोग एवं सहभागिता रही।

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