राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की नव गठित केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी की अध्यक्षता मे संयुक्त परिषद के कार्यालय इंदिरा नगर लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय प्राप्त किया गया तथा संयुक्त परिषद के मांग पत्र की समीक्षा की गई। बैठक में जनपद गोरखपुर, सोनभद्र,जौनपुर, रायबरेली, आगरा, सुल्तानपुर, फतेहपुर, बाराबंकी, लखनऊ, लखीमपुर ,इटावा, अलीगढ़ ,कानपुर जनपदों के पदाधिकारी एवं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के 50 से भी अधिक पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया की सरकार राज्य कर्मचारियों की समस्याओं पर उदासीन है। लगातार अनुरोध के बावजूद भी मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव कार्मिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वार्ता नहीं हो रही है, जिसके कारण कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं ।कर्मचारियों के सामने ज्वलंत समस्या कर्मयोगी पोर्टल की है, जिसमें सभी कर्मचारियों को अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड करना होता है। चतुर्थ श्रेणी वर्ग के ज्यादातर कर्मचारी कम पढ़े लिखे हैं तथा कंप्यूटर का ज्ञान नहीं रखते हैं ।उनके लिए कर्मयोगी योजना एक समस्या है। उनको पोर्टल पर अपना विवरण भरवाने के लिए साइबर कैफे की शरण लेनी पड़ती है, जहां पर उन्हें₹500 डाटा अपलोड करने के लिए देने पड़ते हैं। इसके अलावा अपने कार्य स्थान से शहर आने जाने का खर्च अलग होता है तथा एक दिन की छुट्टी भी बर्बाद होती है। सरकार कर्मचारियों की इस समस्या का समाधान नहीं कर रही है। 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नियमावली बनाए जाने पर भी कार्मिक विभाग नकारात्मक रवैया के साथ काम कर रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के दबाव में कुछ विभागों की वेतन विसंगतियों पर वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों के क्रम में मुख्य सचिव समिति ने निर्णय किया है, लेकिन अभी भी कई विभागों के विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां लंबित हैं। प्रदेश में विभिन्न विभागों में लाखों पद रिक्त पड़े हुए हैं जिन पर नियुक्ति न होने के कारण मौजूदा कार्यरत कर्मचारियों पर कार्य का दबाव बढ़ गया है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार की उपेक्षा के कारण अब आंदोलन ही विकल्प है। उन्होंने कहा है कि 31 अक्टूबर तक मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वार्ता के माध्यम से संयुक्त परिषद की मांगों का समाधान कराए जाने का अनुरोध किया जाएगा। यदि समाधान नहीं हुआ तो 20 नवंबर को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करके ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर को मंडल आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन होगा तथा 20 जनवरी को लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन होगा जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों के 1 लाख से अधिक कर्मचारी प्रतिभाग करेंगे। आज की कार्यकारिणी की बैठक को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी ,हर्ष कुमार सिंह ,राज बहादुर गौतम, अखिलेश सिंह,कोषाध्यक्ष नितिन गोस्वामी, मंडल मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, सहदेव सचान, शंकर प्रताप सिंह, जनपद शाखा गोरखपुर के अध्यक्ष अमरनाथ यादव, प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश श्रीवास्तव ,रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष डी के त्रिपाठी, महामंत्री डी के उपाध्यक्ष, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आंदोलन का समर्थन किया। बैठक में अमरनाथ यादव एवं हर्ष कुमार सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया तथा
जनपद शाखा सोनभद्र एवं जनपद शाखा बागपत का पुनर्गठन करते हुए
नागेंद्र वर्मा एवं सुहासिनी तिवारी को सोनभद्र एवं बागपत का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

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