मेथोडिस्ट चर्च की लखनऊ रीजनल कॉन्फ्रेंस ने उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 3 जुलाई 2026 मेथोडिस्ट चर्च की 38वीं लखनऊ रीजनल कॉन्फ्रेंस ने आज भारत में अपने गतिशील नेतृत्व का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह नेतृत्व माननीय बिशप डॉ. सी. सेल्विन के अधीन है। यह पहल उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों की सेवा के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्पण को और अधिक सुदृढ़ करती है।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अतिथियों में माननीय नाथानिएल, महासचिव एमसीआई एवं श्रीमती लवली शांति सेल्विन, अध्यक्ष डीकनेस कॉन्फ्रेंस, श्री संदीप ठाकोर, केंद्रीय कोषाध्यक्ष तथा कई अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल थे।
शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा जमीनी स्तर के विकास कार्यक्रमों के समन्वित नेटवर्क के माध्यम से, रीजनल कॉन्फ्रेंस पूरे राज्य में वंचित समुदायों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसका केंद्रबिंदु विश्वास, सेवा और सामाजिक कल्याण है।
लखनऊ रीजनल कॉन्फ्रेंस की प्रमुख सेवा पहलें
समग्र शिक्षा: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना।
सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँः पिछड़े क्षेत्रों में रियायती चिकित्सा सुविधाएँ तथा स्वास्थ्य शिविर उपलब्ध कराना।
सामुदायिक सशक्तिकरणः युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना।
आपदा राहतः मौसमी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना।
एकता के माध्यम से परिवर्तन
लखनऊ रीजनल कॉन्फ्रेंस लंबे समय से उत्तर प्रदेश में सामाजिक प्रगति का एक मजबूत आधार रही है। इस वर्ष, कॉन्फ्रेंस अपने सामुदायिक केंद्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ बनाकर आधुनिक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने प्रयासों का विस्तार कर रही है।
"हमारा मिशन प्रेम, करुणा और सेवा में निहित है," लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज के प्रबंधक एवं 38वीं लखनऊ रीजनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता डॉ. आर. के. सिंह ने कहा।
उन्होंने कहा, "हमारा विश्वास है कि सच्ची सेवा का अर्थ लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करके हम पूरे उत्तर प्रदेश में अधिक मजबूत, अधिक सक्षम और अधिक आत्मनिर्भर समुदायों का निर्माण करना चाहते हैं।"


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