लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी यानी लॉग्स और इनफर्टिलिटी रिसर्च फाउंडेशन यानी आईआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन *"इस्पात-मिडटर्म"* का शुभारंभ हुआ।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय रखा गया है - *"फ्रॉम इनफर्टिलिटी टू फैंटम केयर: रीडिफाइनिंग मॉडर्न मदरहुड"*। यानी बांझपन से लेकर आधुनिक मातृत्व तक की यात्रा को नई दिशा देना।
इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन *डॉ. श्रीमती राजुल त्यागी* के नेतृत्व में किया गया है। डॉ. राजुल त्यागी जावित्री हॉस्पिटल की डायरेक्टर हैं और इनफर्टिलिटी एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख भी हैं।
इसके साथ सम्मेलन में इसके साथ सम्मेलन में डॉक्टर मिलिंद शाह प्रेसिडेंट इस्पात, डॉ प्रताप कुमार स्पीकर , डॉ माधुरी पटेल फॉक्सी प्रेसिडेंट, डॉ मंजीत मेहता वाइस प्रेसिडेंट इस्पात
देशभर से 750 से अधिक प्रख्यात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ और इनफर्टिलिटी के महाविशेषज्ञ शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र, व्याख्यान, पैनल चर्चा और केस आधारित प्रस्तुतियां होंगी। विशेषज्ञ IVF, भ्रूण चिकित्सा, उच्च जोखिम गर्भावस्था और प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध और उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
आयोजकों का कहना है कि इनफर्टिलिटी आज एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हर साल इस क्षेत्र में नई तकनीक और नई दवाएं सामने आ रही हैं। इस सम्मेलन का मकसद इन नई जानकारियों को प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों और कस्बों तक के डॉक्टरों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजुल त्यागी ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया। आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा।


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