समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी ने बंद होने के कगार पर पहुंच चुके निजी महाविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक को छात्रों की आवाज राजभवन में उठाई
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी श्र मोहम्मद दानिश अख्तर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय शिक्षक-शिक्षाविद् प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से भेंट कर छात्रों, शिक्षकों, निजी गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से एवं रोहिलखंड विश्वविद्यालय बरेली से संबंध महाविद्यालय की समस्याएं माध्यमिक विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री मोहम्मद दानिश अख्तर ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में लगभग 85 प्रतिशत छात्रों को कथित रूप से अनुत्तीर्ण किए जाने, छात्रों के शैक्षिक भविष्य से खिलवाड़, विश्वविद्यालय प्रशासन की अनियमितताओं तथा शिक्षकों और महाविद्यालयों के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने निजी एवं वित्तविहीन महाविद्यालयों के अनुमोदित शिक्षकों को प्रयोगात्मक एवं मौखिक परीक्षाओं में परीक्षक नियुक्त करने, शोध पर्यवेक्षक का दर्जा देने, विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा अनुमोदित शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार कर उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर पदनाम प्रदान करने की मांग रखी।
श्री दानिश अख्तर ने माध्यमिक शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों हेतु मानदेय व्यवस्था, शिक्षकों की सेवा नियमावली का निर्माण, बायोमेट्रिक आधारित अनावश्यक उत्पीड़न पर रोक, शिक्षक कल्याण कोष के अंतर्गत जीवन बीमा, चिकित्सा बीमा एवं आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ देने तथा परीक्षा कार्यों का पारिश्रमिक सीधे बैंक खातों में भेजने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई।
महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा को निर्देशित किया।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व एमएलसी कुँवर जयेश प्रसाद (शाहजहांपुर), अशोक चौधरी (अमरोहा), मोहम्मद साइम राजा (बिजनौर), अशोक यादव (संभल), हैदर अली, संजीव कुमार सक्सेना (बरेली) तथा प्रशांत कुमार (शाहजहांपुर) शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रों, शिक्षकों और निजी महाविद्यालयों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के शोषण एवं अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Comments
Post a Comment