यूपी में आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मचारियों ने मांगा हक, समायोजन और समय पर वेतन समेत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से लगाई गुहार
लखनऊ।* उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से वे विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का समायोजन किया जाए या समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। साथ ही नई वेकेंसी निकलने पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को वरीयता देने, आउटसोर्सिंग सेवा निगम का गठन जल्द लागू करने, समय से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्स कर्मचारियों को 28 दिन की छुट्टी देने की मांग भी रखी गई है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाल्मीकि ने बताया कि हजारों कर्मचारी सालों से शोषण का शिकार हैं और अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। वहीं आउट सोर्सिंग वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा समेत सभी विभागों में आउटसोर्स कर्मी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन न तो नौकरी की सुरक्षा है और न ही समय पर वेतन मिलता है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपील की है।

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