_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
लखनऊ। भारत अनेक संस्कृतियों का देश है जहां करोड़ों देवी देवताओं की पूजा की जाती है प्राचीन समय से अब तक संपूर्ण ब्रह्मांड को नियंत्रित करने हेतु अलौकिक शक्तियां विद्यमान हैं। भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश की अपनी-अपनी व्यवस्थाएं हैं जिनसे ब्रह्मांड का संचालन होता है जैसा कि चतुर्मास में भगवान विष्णु शयन कर रहे हैं जिसके उपरांत पूरी जिम्मेदारी भगवान भोलेनाथ की रहती है। सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष कृपा हम सब पर रहती हैं।
हम सभी लोग अपनी अपनी व्यवस्थाओं एवं कार्यशैली के अनुरूप भोलेनाथ की आराधना करते हैं जिनमें रुद्राभिषेक प्रमुख है जिसका सावन मास में विशेष महत्व होता है। इसी श्रृंखला में अखिल भारतीय ब्रह्म समाज अपने सामाजिक कार्यों के द्वारा एक अलग पहचान बनाई है पुरूषोत्तम मास में गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिका में आदि शंकराचार्य आश्रम में सामूहिक रुद्राभिषेक का कार्यक्रम किया गया इसकी भव्यता देखने लायक थी।
कार्यक्रम में हजारों लोग उपस्थित होकर पूरे विश्व के कल्याणार्थ सभी ने रुद्राभिषेक में भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थिति उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया की रहीं। लोगों से अपील की कि ऐसे कार्यक्रमों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए जो जन कल्याणकारी हो। ऐसे उत्कृष्ट कार्यक्रमों के लिए संस्था को साधुवाद तथा हर संभव मदद का आश्वासन दिया।



Comments
Post a Comment