लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
उत्तर प्रदेश के हजारों दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारियों का विनियमितीकरण अथवा समान कार्य समान वेतन दिये जाने का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के वन विभाग में तैनात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी है , जिनको वन विभाग के अधि कारियों द्वारा शासन के तमाम आदेशों तथा न्यायालयों के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है , जिससे उत्तर प्रदेश के वन विभाग में हजारों दैनिक कर्मचारी विनियमितीकरण से वंचित है । यह कि शासन द्वारा बार - बार आदेश अधिसंख्यक पद के लिये आदेश हुआ है जिसको वन विभाग के अधिकारी शासन के आदेश पर सरकार को गुमराह कर वन विभाग में दैनिक कर्मचारियों की संख्या शून्य कर अधिसंख्यक पद मांगने से इन्कार कर दिया गया , जिससे हजारों की संख्या में तैनात दैनिक वन कर्मचारी विनियमितीकरण से वंचित है । और भी कई मांगों को लेकर हजरतगंज स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा के नीचे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर सरकार से अपनी मांगों को पूरी करने की अपील की।

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