चित्रांश समाज स्प्रिंग ग्रीन्स द्वारा स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चित्रांश समाज के परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए और एक-दूसरे से मुलाकात कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। समारोह स्थल को फूलों, झालरों और भगवान चित्रगुप्त जी की तस्वीर से सजाया गया था। बैनर पर "स्नेह मिलन समारोह में आपका स्वागत है" लिखा था। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को एकजुट करना, आपसी संबंधों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। सभा के दौरान समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मनीष वर्मा और राजीव श्रीवास्तव ने सभी का इस कार्यक्रम में आने के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। सभी लोगों ने इसे एकजुटता और सौहार्द का प्रतीक बताया।
एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए खेल एक प्रभावी तरीका है। खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण तत्व है, जो हमें स्वस्थ एवं मजबूत रहने के लिए मार्गदर्शन करता है । इस भावता से प्रेरित होकर दिल्ली पब्लिक स्कूल शहीद पथ के प्रांगण में दिनांक २३/ १२ /२२ को खेल दिवस का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का आरम्भ विद्यालय सी०ई०ओ० श्रीमती स्वाति पाल, विदयालय प्रधानाचार्या डॉ मंजू लखनपाल, विद्यालय हेडमिस्टरेस श्रीमती स्वाती सिंह मल्होत्रा तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर एस एन सावत आई०ए०एस डायरेक्टर जनरल (विजिलेंस), एस०पी दविवेदी आई०पी०एस एस०पी (क्राइम), श्री संतोष कुमार सिंह डी०एस०पी लखनऊ रैंज के कर कमलों दवारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
विद्यालय सी०ई०ओ श्रीमती स्वाति पाल द्वारा स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि को पाँधे एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खुले एवं स्वच्छ आसमान में गुब्बारों को छोड़कर तथा प्रकाश की मशाल को जलाकर कार्यक्रम का आरम्भ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न प्रकार की दाँडों से हुई, जिसमें नन्हे मुन््ने छात्र एवं छात्राओं दवारा बनी रेस, लॉन्य जम्प, ५० मीटर रेस, ८० मीटर रेस आदि शामिल थी | विजेताओं को मुख्य अतिथि के दवारा पुरस्कृत किया गया | अतिथि महोदय ने छात्र एवं छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बच्चों हार एवं जीत एक सिक्के के ही दो पहलू होते हैं। कभी भी हार को दिल पर मत लगाना बल्कि हार से सीख लेना क्योंकि कभी कभी एक अच्छा खिलाडी भी शून्य पर आउट हो जाता है ।
इस खेल दिवस का मुख्य आकर्षण केंद्र जुंबा, पाम पाम ड्रिल, एरोबिक ड्रिल, अमब्रेला ड्रि थे। जिन्हें देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए एवं तालियों दवारा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन किया । विदयालय प्रधानाचार्या डॉ० मंजू लखनपाल ने आभार व्यक्त करते हुए अपना धन्यवाद प्रस्ताव पारित करते हुए समारोह का समापन किया |
Comments
Post a Comment