_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए खेल एक प्रभावी तरीका है। खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण तत्व है, जो हमें स्वस्थ एवं मजबूत रहने के लिए मार्गदर्शन करता है । इस भावता से प्रेरित होकर दिल्ली पब्लिक स्कूल शहीद पथ के प्रांगण में दिनांक २३/ १२ /२२ को खेल दिवस का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का आरम्भ विद्यालय सी०ई०ओ० श्रीमती स्वाति पाल, विदयालय प्रधानाचार्या डॉ मंजू लखनपाल, विद्यालय हेडमिस्टरेस श्रीमती स्वाती सिंह मल्होत्रा तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर एस एन सावत आई०ए०एस डायरेक्टर जनरल (विजिलेंस), एस०पी दविवेदी आई०पी०एस एस०पी (क्राइम), श्री संतोष कुमार सिंह डी०एस०पी लखनऊ रैंज के कर कमलों दवारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
विद्यालय सी०ई०ओ श्रीमती स्वाति पाल द्वारा स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि को पाँधे एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खुले एवं स्वच्छ आसमान में गुब्बारों को छोड़कर तथा प्रकाश की मशाल को जलाकर कार्यक्रम का आरम्भ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न प्रकार की दाँडों से हुई, जिसमें नन्हे मुन््ने छात्र एवं छात्राओं दवारा बनी रेस, लॉन्य जम्प, ५० मीटर रेस, ८० मीटर रेस आदि शामिल थी | विजेताओं को मुख्य अतिथि के दवारा पुरस्कृत किया गया | अतिथि महोदय ने छात्र एवं छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बच्चों हार एवं जीत एक सिक्के के ही दो पहलू होते हैं। कभी भी हार को दिल पर मत लगाना बल्कि हार से सीख लेना क्योंकि कभी कभी एक अच्छा खिलाडी भी शून्य पर आउट हो जाता है ।
इस खेल दिवस का मुख्य आकर्षण केंद्र जुंबा, पाम पाम ड्रिल, एरोबिक ड्रिल, अमब्रेला ड्रि थे। जिन्हें देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए एवं तालियों दवारा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन किया । विदयालय प्रधानाचार्या डॉ० मंजू लखनपाल ने आभार व्यक्त करते हुए अपना धन्यवाद प्रस्ताव पारित करते हुए समारोह का समापन किया |
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