लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भी हिंदी पैटर्न लागू किया जाएगा। इसे लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। पुस्तक तैयार करने की जिम्मेदारी अलग- अलग मेडिकल कॉलेजों को दी जाएगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में शुरू करने की मंशा जाहिर की है। मध्य प्रदेश में इस पैटर्न को लागू कर दिया गया है। ऐसे मे प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से नए सिरे से पैटर्न तैयार किया जाएगा। क्योंकि यहां विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के प्रोफेसर पहले से ही हिंदी में किताबें लिख चुके हैं। पहले से किताब लिखने वाले विशेषज्ञों की कमेटी भी बनाने की तैयारी है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग केमुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई विधिवत की जाएगी। इसकी कवायद शुरू की जा रही है। हर पहलू का अध्ययन किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता किसी भी कीमत पर कम नहीं होने दी जाएगी। यहां कुछ किताबें पहले से मौजूद हैं। उनकी गुणवत्ता भी परखी जाएगी। फिर नए सिरे से पाठ्यक्रम का पैटर्न निर्धारित किया जाएगा। अलग- अलग चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों को पुस्तकें तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा रही हैं।
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