लखनऊ। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी की अध्यक्षता में लियाकत प्रधान व उनके परिजनों सहित द्वितीय पक्ष आयोग में उपस्थित रहे और दोनों पक्षों की संयुक्त वार्तालाप में सुलह सहमति पर दोनों पक्ष तैयार हुये साथ ही मौके पर उपस्थित क्षेत्राधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों में सुलह समझौता संबंधी वार्ता हुई है और जिसमें की आगे की रणनीति तैयार की जा रही है जिस प्रकार से हो सकेगा संवैधानिक रूप से कार्य होगा वही लियाकत प्रधान ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष का मैं पूरा सम्मान करता हूँ साथ ही संवैधानिक रूप से जो सही फैसला होगा हम मानने को तैयार है लेकिन यदि हमारी आवाज को दबाने का काम किया गया तो हम हाईकोर्ट के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट भी जायेंगे और उनका आरोप है कि जिस प्रकार से पूर्व में पुलिस के अधिकारियों द्वारा हमको और हमारे परिजनों को झूठे मुकदमे में फंसाने का कार्य किया गया वह निहायत ही शर्मिंदा पूर्ण है और हम वार्ता में यदि संवैधानिक रूप से न्याय उचित फैसला लिया जाता है तो हम तैयार हैं अन्यथा शासन प्रशासन स्तर पर हम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद रखेंगे।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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