लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय तीसरा विकल्प पार्टी की बैठक आयोजित हुई , आगामी चुनाव पर हुई चर्चा देश प्रतिदिन राष्ट्रीय तीसरा विकल्प पार्टी की बैठक दारूलशफा के ब्लाक-ए लखनऊ में आयोजित की गई जिसमें प्रदेश के कई जिलों से पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई | आगामी उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में पार्टी के संस्थापक का संकल्प है कि प्रदेश का मुख्य मंत्री एक किसान संगठन का नेता होगा जो प्रदेश के साथ-साथ सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं एवं बेरोजगार युवाओं का कल्याण कर सकेगा। गत 74 वर्षो में इस प्रदेश व देश की हालत पर नजर डालें तो देखा जा सकता है कि 85 प्रतिशत जनता आज भी परेशान व पीड़ित है । इसीलिए भारतीय मजदूर किसान संगठन (राष्ट्रवादी ) ने तीसरा विकल्प मोर्चा तैयार किया है जिसमें कई राजनेतिक दल मिलकर उत्तर प्रदेश की सरकार बनानें में सहयोग करेगें। अबकी न सपा न बसपा न भाजपा सरकार 2022 में बनेगी, किसानों, मजदूरों की सरकार ।
राष्ट्रीय तीसरा विकल्प पार्टी की बैठक दारूलशफा के ब्लाक-ए लखनऊ में आयोजित की गई जिसमें प्रदेश के कई जिलों से पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई | आगामी उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में पार्टी के संस्थापक का संकल्प है कि प्रदेश का मुख्य मंत्री एक किसान संगठन का नेता होगा जो प्रदेश के साथ-साथ सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं एवं बेरोजगार युवाओं का कल्याण कर सकेगा।
गत 74 वर्षो में इस प्रदेश व देश की हालत पर नजर डालें तो देखा जा सकता है कि 85 प्रतिशत जनता आज भी परेशान व पीड़ित है । इसीलिए भारतीय मजदूर किसान संगठन (राष्ट्रवादी ) ने तीसरा विकल्प मोर्चा तैयार किया है जिसमें कई राजनेतिक दल मिलकर उत्तर प्रदेश की सरकार बनानें में सहयोग करेगें। अबकी न सपा न बसपा न भाजपा सरकार 2022 में बनेगी, किसानों, मजदूरों की सरकार ।
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