लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री श्री राधारमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) लखनऊ में दिनांक 14 सितंबर 2021 को श्रीराधाष्टमी का आयोजन कोविड 19 नियमों का पालन करते हुए मंदिर भक्तों,मंदिर कोर कमेटी सदस्यों व अन्य वरिष्ठ भक्तों के द्वारा राधाष्टमी के उपलक्ष्य में श्री राधा~ रानी के जन्मोत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष श्रीमान अपरिमेय श्यामदास जी द्वारा भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी के अभिषेक एवं पूजन कर के किया गया,जिसके बाद क्रमानुसार अन्य सभी कार्यक्रम मंदिर भक्तों,मंदिर कर कमेटी के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ भक्तों के द्वारा सम्पन्न किए गए।
श्रीमद्भागवत कथा के साथ ही भगवान का भजन, कीर्तन एवं नृत्य आदि उत्साह पूर्वक संपन्न हुआ,कार्यक्रम का समापन आरती एवं भोजन प्रसादम के साथ हुआ।
श्रीमद् भागवत कथा में इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष श्री अपरिमेय श्यामदास जी ने बताया श्री राधा रानी को जानने के लिए श्रीकृष्ण को जानना अत्यंत आवश्यक है,श्रीकृष्ण के स्वरूप को जाने बिना हम श्रीराधा रानी के स्वरूप को जान नहीं सकते,उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण और राधा एक ही हैं इसलिए यदि आपको श्री राधा रानी के बारे में जानना है तो पहले श्री कृष्ण के बारे मे जानना पड़ेगा।अंत में उन्होंने सभी भक्तों से श्रीमद् भगवद्गीता का स्वाध्याय एवं हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करने का आग्रह किया।



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