लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
हीमोग्लोबिन हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अकसर खून में हीमोग्लोबिन का स्तर नापने के लिए शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है जो स्मार्टफोन टूल की मदद से बिना रक्त के नमूने लिए हीमोग्लोबिन के स्तर का माप सकता है। यह तकनीक सिर्फ पलकों की तस्वीर देखकर रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन के स्तर का पता लगा सकती है।
हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है जो ऑक्सीजन के संचरण में मदद करता है। ‘ऑप्टिका जर्नल’ में प्रकाशित शोध के अनुसार इस तकनीक की मदद से उन लोगों को जल्दी परिणाम मिल सकेंगे जो हीमोग्लोबिन की कमी या उससे संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं।
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