लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
देश में कोरोना का कहर अब भी लगातार जारी है। रोजाना 3000 से अधिक मामले आ रहे हैं। इन बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन 4.0 में 30 जिलों और नगरपालिका क्षेत्रों में कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिनमें इन जिलों की समीक्षा की गई।
सूत्रों का कहना है कि इन जिलों में लॉकडाउन के चौथे चरण में भी कोई राहत नहीं दी जाएगी। क्योंकि, सरकार ने कोरोना हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए जो दिशा-निर्देश तैयार किए हैं, उनमें अत्यंत संक्रमण वाले क्षेत्रों में इस महामारी की रोकथाम के लिए सख्ती बरतने की बात कही गई है।
इन 30 नगरपालिका क्षेत्रों में दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और ओडिशा राज्य के इलाके शामिल हैं। बैठक के दौरान जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति का लेखा-जोखा तैयार किया गया जिसमें संक्रमण पुष्टि दर, घातक दर, दोगुनी दर, प्रति 10 लाख पर परीक्षण आदि तथ्यों पर रोशनी डाली गई है। यहां जानिए इन राज्यों में कौन-कौन से 30 शहरों को शामिल किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इन जिलों में लॉकडाउन के चौथे चरण में भी कोई राहत नहीं दी जाएगी। क्योंकि, सरकार ने कोरोना हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए जो दिशा-निर्देश तैयार किए हैं, उनमें अत्यंत संक्रमण वाले क्षेत्रों में इस महामारी की रोकथाम के लिए सख्ती बरतने की बात कही गई है।
इन 30 नगरपालिका क्षेत्रों में दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और ओडिशा राज्य के इलाके शामिल हैं। बैठक के दौरान जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति का लेखा-जोखा तैयार किया गया जिसमें संक्रमण पुष्टि दर, घातक दर, दोगुनी दर, प्रति 10 लाख पर परीक्षण आदि तथ्यों पर रोशनी डाली गई है। यहां जानिए इन राज्यों में कौन-कौन से 30 शहरों को शामिल किया गया है।
| राज्य | शहर |
| तमिलनाडु | कुड्डालोर, चेंगलपट्टू, अरियालुर, विल्लुपुरम, तिरुवल्लूर और ग्रेटर चेन्नई |
| महाराष्ट्र | मुंबई, औरंगाबाद, पुणे, पालघर, सोलापुर, नासिक और ठाणे |
| गुजरात | अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत |
| दिल्ली | अधिकतर इलाके |
| मध्यप्रदेश | भोपाल और इंदौर |
| पश्चिम बंगाल | हावड़ा और कोलकाता |
| राजस्थान | जयपुर, जोधपुर, उदयपुर |
| उत्तर प्रदेश | आगरा और मेरठ |
| आंध्र प्रदेश | कुरनुल |
| तेलंगाना | ग्रेटर हैदराबाद |
| पंजाब | अमृतसर |
| ओडिशा | बरहमपुर |
बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 85,940 हो गई है, जिनमें 53,035 सक्रिय हैं, 30,153 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2752 लोगों की मौत हो चुकी है।
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