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लखनऊ प्रेस क्लब में साहित्य का संगम - पेशवा वंशज ने किया 'संक्रान्ति का संहार' और 'काल यात्रा' का लोकार्पण

  लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ।         उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे‌ हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...

संयुक्त राष्ट्र ने सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने के लिए भारत की सराहना की


संयुक्त राष्ट्र ने सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने और स्वच्छ समुद्र अभियान एवं अन्य कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए भारत की सराहना की है। भारत समुद्र में कचरा, वायु प्रदूषण, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी शामिल है। पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा को भेजे गए पत्र में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के उप कार्यकारी सचिव जोयस मसुया ने माइग्रेटरी स्पेशीज के कन्वेंशन के तहत 13वें कांफ्रेंस (सीएमएस सीओपी 13) के नेतृत्व के लिए भारत की सराहना की है।


उन्होंने कहा है, 'मैं सीएमएस सीओपी 13 के नेतृत्व के लिए भारत की सराहना करता हूं। सीएमएस की अध्यक्षता के दौरान भारत को समर्थन देने की संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराता हूं। मैं भारत सरकार को सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने के लिए बधाई देना चाहूंगा। इसके अलावा भारत स्वच्छ समुद्र, समुद्र में कचरा, वायु प्रदूषण और पर्यावरण एवं स्वास्थ्य समेत अन्य कार्यक्रमों में शामिल है।' बता दें कि भारत के सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने की राह पर और भी बहुत देश चल पड़े हैं।  


भारत के पीएम भी साफ करते दिखे थे कचरा


पिछले साल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे पर आए थे, उस दौरान तमिलनाडु के शहर मामल्लपुरम में 12 अक्टूबर, 2019 की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सैर को पहुंचे तो समुद्र तट पर यहां-वहां बिखरे कचरे को देखकर स्वच्छता के प्रति उन्हें अपना कर्तव्य एक बार फिर याद आ गया। स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर पीएम मोदी ने इस तरह कचरे की जो सफाई की, उसका एक वीडियो मीडिया में कुछ दिनों तक छाया रहा और देश भर से लोगों ने प्रधानमंत्री के इस कार्य की सराहना की।


 

बता दें कि भारत के विभिन्‍न सरकारी महकमें प्‍लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। वहीं, देश के नौवहन महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने फैसला किया था कि पहली जनवरी से भारतीय जहाजों में सिंगल यूज प्‍लास्टिक (single use plastics) और उसके उत्‍पाद प्रतिबंधित होंगे। फैसले के मुताबिक, भारतीय जहाज सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्‍पाद जैसे आइसक्रीम कंटेनर, हॉट डिश कप, माइक्रोवेव डिशेज और चिप्स के थैले आदि का इस्‍तेमाल नहीं करेंगे।


 

महानिदेशालय ने अपने बयान में कहा था कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों का इस्तेमाल पर प्रतिबंध का आदेश भारतीय जहाजों के साथ साथ भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद विदेशी जहाजों पर भी लागू होगा।


चीन भी भारत की राह पर


पिछले दो महीने पहले खबर मिली थी कि भारत की तर्ज पर चीन भी सिंगल यूज प्लास्टिक (Single use plastics) को अपने देश में बैन करने की योजना बना रहा है। चीन कई सालों से कचरे की समस्या से जूझ रहा है। चीन कचरा के ढेर का बहुत बडा स्थान बन गया है। साल 2017 में चीन एकमात्र ऐसा देश रहा जिसने 215 मिलियन शहरी घरेलू कचरा इकट्ठा किया, लेकिन इसका नेशनल रिसाइकिल फिगर उपलब्ध नहीं है।


 

चीन एकमात्र देश नहीं है जिसने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन को लेकर योजना बनाई है। थाईलैंड भी इससे पहले सिंगल यूज प्लस्टिक बैग को मुख्य स्टोर में बंद करने का एलान कर चुका है। थाइलैंड का साल 2021 तक पूरे शहर में सिंगल यूज प्लास्टिग बैन का लक्ष्य है। जबकि इंडोनेशिया में भी 2020 तक सभी मार्केट में सिंगल यूज प्लास्टिग बैग बंद करने का लक्ष्य रखा गया है।



 


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