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पीड़ित AGM ने लगाई अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार, बोले- दोबारा हो सकता है हमला

  *लखनऊ।* बीबीडी थाने के अंतर्गत लूट और हमले का शिकार हुए कपिल देव मिश्रा ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि 3 सितंबर को तिवारीगंज नंदलाल बगिया के पास पास उन पर हुए हमले के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन लोगों के नाम हमलावरों ने खुद बताए थे। पीड़ित ने उन नामों की जानकारी BBD पुलिस को दे दी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित कपिल देव, जो सेकरा रोड चिनहट पर रहते हैं और AGM के तौर पर अकाउंट्स काम देखते हैं, ने बताया कि वह यहां अकेले रहकर काम करता है। उसे डर है कि कार्रवाई न होने से आरोपी बेखौफ हैं और दोबारा उस पर और उसके परिवार पर हमला कर सकते हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले में जिन लोगों के कहने पर हमला कराया गया है उन पर जल्द कार्रवाई की जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सीतापुर जेल में आजम खां से कर सकते हैं मुलाकात


सांसद आजम खां और विधायक पत्नी व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को गुरुवार की सुबह सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। तीनों को गुरुवार तड़के ही सीतापुर की जेल के लिए स्थांतरित कर दिया गया। पुलिस सुबह करीब 5 बजे आज़म खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा औऱ अब्दुल्ला आज़म को रामपुर के जिला कारागार से सीतापुर ले गई। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आज आजम खां से मुलाकात कर सकते हैं। 


इससे पहले सपा सांसद और पूर्व मंत्री आजम खां, उनकी विधायक पत्नी डॉक्टर तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को स्थानीय अदालत ने बुधवार को रामपुर जेल भेज दिया था। अदालत ने यह आदेश अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में दिया था। 

आजम ने पत्नी और बेटे के साथ रामपुर की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद इन सभी को 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया था। 

आजम पर 85 मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में आजम के साथ पत्नी तजीन और पुत्र अब्दुल्ला भी आरोपी हैं। तीनों पर पर दर्ज मुकदमों की सुनवाई कोर्ट में चल रही है लेकिन कोई भी सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हो रहा था। 

इस पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट और संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के जारी होने के बाद तीनों ने बुधवार दोपहर करीब 12.15 बजे एडीजे-6 धीरेंद्र कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण किया। 
 

उनके वकीलों ने 17 मामलों में जमानत की याचिका लगा रखी थी। अदालत ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन के पांच मामलों में जमानत दे दी। नौ मामलों में पुलिस से रिपोर्ट तलब की गई है। जबकि दो अन्य मामलों में बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। 

अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मुकदमे में कोर्ट ने जमानत की याचिका पर सुनवाई की तिथि दो मार्च तय की है। कोर्ट ने तब तक आजम, तजीन और अब्दुल्ला को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में पुलिस ने तीनों को जिला कारागार रामपुर भेज दिया।

पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर आजम, उनकी पत्नी तजीन और बेटे अब्दुल्ला को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार भेज दिया गया है। पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। जेल के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
 



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