लखनऊ, 15 अगस्त 2026। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय दशमेश पब्लिक स्कूल, गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती लिली सेठी, बलजीत कौर, गगनप्रीत कौर, जगजीत कौर, सिमरन कौर एवं सुनयना कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में सामूहिक ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रबन्धक सरदार निर्मल सिंह ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने अतीत और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के संघर्ष में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं, स्वतंत्रता के तत्काल बाद हुए देश के विभाजन में लाखों लोगों को हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलनी पड़ी तथा करोड़ों लोगों को रातोंरात अपने घर और व्यापार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि देश की तरक्की में अपना योगदान दें, एकता एवं अखंडता को बनाए रखें, मन लगाकर पढ़ाई करें तथा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। श्रीमती लिली सेठी, जगजीत कौर, बलजीत कौ...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत की तैयारी में भारत सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इधर, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप दिल्ली में खुशी की क्लास में शामिल होंगी। अमेरिका की पहली महिला 25 फरवरी को दिल्ली के एक सरकारी स्कूल की हैपीनेस क्लास में पहुंचेंगी। यहां होने वाले विशेष आयोजन में वह करीब 45 मिनट का वक्त बच्चों के बीच बिताएंगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दो दिवसीय दौरा 24 फरवरी से शुरू हो रहा है। पहले दिन वह अहमदाबाद रहेंगे, जबकि 25 फरवरी की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत दौरे पर आ रही उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने दिल्ली के सरकारी स्कूल में जाने की इच्छा जताई है। इस पर अमेरिकी दूतावास समेत भारत सरकार भी राजी है।
सूत्रों का कहना है कि 25 फरवरी की दोपहर वह दिल्ली सरकार के एक स्कूल में पहुंचेंगी। करीब 45 मिनट वे बच्चों के बीच गुजारेंगी। इस दौरान उनका मूल मकसद दिल्ली सरकार की हैपीनेस क्लास के बारे में जानने/समझने का रहेगा कि इसके सहारे बच्चों का तनाव कैसे कम किया जाता है। साथ ही हंसते-खेलते वे पढ़ाई भी करते हैं। सुरक्षा कारणों से अभी दौरे के समय और संबंधित स्कूल की जानकारी नहीं दी गई है। दौरे के शेड्यूल में इसकी पूरी जानकारी होगी।
दिल्ली सरकार दो साल से लगा रही खुशी की क्लास
- 2018 में दिल्ली सरकार के स्कूलों में शुरू हुई थी हैपीनेस क्लास।
- बच्चों के मानसिक तनाव व अवसाद को दूर करने का हो रहा प्रयास। मिल रही सफलता।
- नहीं होती लिखित परीक्षा। बच्चे के हैपीनेस इंडेक्स का किया जाता है मूल्यांकन।
- नर्सरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों की होती है क्लास।
- मेडिटेशन पर रहता है फोकस। पढ़ने, चलने, खाने, देखने, सुनने पर रहती है नजर।
- अध्यापकों को दिया गया है हैपीनेस का फ्रेमवर्क।
- बच्चों को सनाई जाती हैं कहानियां। होती है हंसी-ठिठोली।
- हर शनिवार के रिफ्लेक्शन सेशन में सम्मान, स्नेह, भरोसे आदि मूल्यों की खेल-खेल में दी जाती है सीख।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दो दिवसीय दौरा 24 फरवरी से शुरू हो रहा है। पहले दिन वह अहमदाबाद रहेंगे, जबकि 25 फरवरी की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत दौरे पर आ रही उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने दिल्ली के सरकारी स्कूल में जाने की इच्छा जताई है। इस पर अमेरिकी दूतावास समेत भारत सरकार भी राजी है।
सूत्रों का कहना है कि 25 फरवरी की दोपहर वह दिल्ली सरकार के एक स्कूल में पहुंचेंगी। करीब 45 मिनट वे बच्चों के बीच गुजारेंगी। इस दौरान उनका मूल मकसद दिल्ली सरकार की हैपीनेस क्लास के बारे में जानने/समझने का रहेगा कि इसके सहारे बच्चों का तनाव कैसे कम किया जाता है। साथ ही हंसते-खेलते वे पढ़ाई भी करते हैं। सुरक्षा कारणों से अभी दौरे के समय और संबंधित स्कूल की जानकारी नहीं दी गई है। दौरे के शेड्यूल में इसकी पूरी जानकारी होगी।
दिल्ली सरकार दो साल से लगा रही खुशी की क्लास
- 2018 में दिल्ली सरकार के स्कूलों में शुरू हुई थी हैपीनेस क्लास।
- बच्चों के मानसिक तनाव व अवसाद को दूर करने का हो रहा प्रयास। मिल रही सफलता।
- नहीं होती लिखित परीक्षा। बच्चे के हैपीनेस इंडेक्स का किया जाता है मूल्यांकन।
- नर्सरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों की होती है क्लास।
- मेडिटेशन पर रहता है फोकस। पढ़ने, चलने, खाने, देखने, सुनने पर रहती है नजर।
- अध्यापकों को दिया गया है हैपीनेस का फ्रेमवर्क।
- बच्चों को सनाई जाती हैं कहानियां। होती है हंसी-ठिठोली।
- हर शनिवार के रिफ्लेक्शन सेशन में सम्मान, स्नेह, भरोसे आदि मूल्यों की खेल-खेल में दी जाती है सीख।
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