लखनऊ, उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेजेज एण्ड फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन (UPPCPIWA) की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज दिनांक 24 अगस्त, 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय अतिथि गृह, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. अमरिका सिंह ने की तथा संचालन महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और फार्मासिस्टों के कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए 15 प्रतिष्ठित वार्षिक अवार्ड्स स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह अवार्ड्स फार्मेसी के जनक प्रो. महादेव लाल श्रॉफ के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार सहित विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे। एसोसिएशन के महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 2700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 1900 से अधिक फार्मा इंडस्ट्रीज हैं। ऐसे में फार्मेसी प्रोफेशनल्स के मनोबल और उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए इन अवार्ड्स की स्थापना की गई है। सभी अवार्ड्स को अनुमोदन हेतु फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली को भेजा...
क्रिकेट की पिच से दूर होने के बाद भी इस खेल के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर का जलवा कम नहीं हुआ है। अवॉर्ड और सम्मान लगातार उनकी झोली में गिर रहे हैं। तेंदुलकर ने 'लॉरेस 20 स्पोर्टिंग मोमेंट 2000-2020' ( Laureus 20 Sporting Moment 2000-2020 ) अवॉर्ड जीता है। वहीं, दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी और छह बार के फॉर्मूला 1 विश्व चैंपियन लुइस हैमिल्टन को संयुक्त रूप से लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ दि ईयर अवॉर्ड दिया गया।
सचिन तेंदुलकर के ‘2011 वर्ल्ड कप विनिंग मोमेंट’ को पिछले 20 साल में खेलों में सबसे बेहतर लम्हे का लॉरेस पुरस्कार मिला। सचिन ने दिग्गज टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर स्टीव वॉ के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। इस पुरस्कार के लिए पांच लम्हे नामित किए गए थे।
विजेताओं की घोषणा 17 फरवरी को बर्लिन में लॉरेस विश्व खेल पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान की गई। उन्हें इसी साल 11 जनवरी को खेल की दुनिया में पिछले 20 साल के सबसे बेहतर लम्हों में जगह दी गई थी।
भारत की 2011 विश्व कप में जीत के संदर्भ में सचिन से जुड़े लम्हे को ‘कैरीड ऑन द शोल्डर्स ऑफ ए नेशन’ शीर्षक दिया गया है। लगभग नौ साल पहले सचिन तेंदुलकर अपने छठे वर्ल्ड कप में खेलते हुए खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य बने थे। भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था, जब उसने मुंबई में फाइनल में श्रीलंका को हराया था।
भारतीय टीम के सदस्यों ने इसके बाद सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाकर मैदान का ‘लैप ऑफ ऑनर’ लगाया था और इस दौरान इस दिग्गज बल्लेबाज की आंखों से आंसू गिर रहे थे। भारत ने वर्ल्ड कप फाइनल में जीत सचिन के घरेलू मैदान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दर्ज की थी।
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