लखनऊ, 15 अगस्त 2026। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय दशमेश पब्लिक स्कूल, गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती लिली सेठी, बलजीत कौर, गगनप्रीत कौर, जगजीत कौर, सिमरन कौर एवं सुनयना कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में सामूहिक ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रबन्धक सरदार निर्मल सिंह ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने अतीत और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के संघर्ष में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं, स्वतंत्रता के तत्काल बाद हुए देश के विभाजन में लाखों लोगों को हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलनी पड़ी तथा करोड़ों लोगों को रातोंरात अपने घर और व्यापार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि देश की तरक्की में अपना योगदान दें, एकता एवं अखंडता को बनाए रखें, मन लगाकर पढ़ाई करें तथा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। श्रीमती लिली सेठी, जगजीत कौर, बलजीत कौ...
क्रिकेट की पिच से दूर होने के बाद भी इस खेल के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर का जलवा कम नहीं हुआ है। अवॉर्ड और सम्मान लगातार उनकी झोली में गिर रहे हैं। तेंदुलकर ने 'लॉरेस 20 स्पोर्टिंग मोमेंट 2000-2020' ( Laureus 20 Sporting Moment 2000-2020 ) अवॉर्ड जीता है। वहीं, दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी और छह बार के फॉर्मूला 1 विश्व चैंपियन लुइस हैमिल्टन को संयुक्त रूप से लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ दि ईयर अवॉर्ड दिया गया।
सचिन तेंदुलकर के ‘2011 वर्ल्ड कप विनिंग मोमेंट’ को पिछले 20 साल में खेलों में सबसे बेहतर लम्हे का लॉरेस पुरस्कार मिला। सचिन ने दिग्गज टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर स्टीव वॉ के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। इस पुरस्कार के लिए पांच लम्हे नामित किए गए थे।
विजेताओं की घोषणा 17 फरवरी को बर्लिन में लॉरेस विश्व खेल पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान की गई। उन्हें इसी साल 11 जनवरी को खेल की दुनिया में पिछले 20 साल के सबसे बेहतर लम्हों में जगह दी गई थी।
भारत की 2011 विश्व कप में जीत के संदर्भ में सचिन से जुड़े लम्हे को ‘कैरीड ऑन द शोल्डर्स ऑफ ए नेशन’ शीर्षक दिया गया है। लगभग नौ साल पहले सचिन तेंदुलकर अपने छठे वर्ल्ड कप में खेलते हुए खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य बने थे। भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था, जब उसने मुंबई में फाइनल में श्रीलंका को हराया था।
भारतीय टीम के सदस्यों ने इसके बाद सचिन तेंदुलकर को कंधे पर उठाकर मैदान का ‘लैप ऑफ ऑनर’ लगाया था और इस दौरान इस दिग्गज बल्लेबाज की आंखों से आंसू गिर रहे थे। भारत ने वर्ल्ड कप फाइनल में जीत सचिन के घरेलू मैदान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दर्ज की थी।
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