लखनऊ। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को राजधानी लखनऊ के झूलेलाल वाटिका में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी संस्कृति, परंपरा के साथ-साथ संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया। समारोह के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के नाम एक स्मारक पत्र तैयार कर उसे शासन को प्रेषित करने की घोषणा की। इस पत्र में गोंड जाति एवं उसकी उपजातियों धुरिया, नायक, ओझा, पठारी और राजगोंड से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का उल्लेख किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में गोंड समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है, जबकि शेष जिलों में उन्हें अनुसूचित जाति में रखा गया है। इससे जाति प्रमाण पत्र बनवाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस विसंगति को दूर कर पूरे उत्तर प्रदेश में गोंड एवं उसकी उपजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। साथ ही जिनके पास पहले से प्रमाण पत्र हैं उन्हें उसी आधार पर और शे...
मौजूदा पेराई सीजन में 15 फरवरी तक चीनी उत्पादन में 22.67% की गिरावट आई है। देशभर की चीनी मिलों ने 2019-20 के मौजूदा सीजन में अभी तक 169.85 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। पिछले साल की समान अवधि में यह उत्पादन 219.66 लाख टन था। उत्पादन में अभी तक 49.81 लाख टन की कमी आई है। मार्केट रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में अब तक 16 लाख टन चीनी का निर्यात हो चुका है, जबकि करीब 32 लाख टन निर्यात के लिए कॉन्ट्रैक्ट हुआ है।
उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट महाराष्ट्र में
इंडयिन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) इस्मा का कहना है कि देश में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन में ज्यादा गिरावट आई है। महाराष्ट्र में इस साल अब तक 43.38 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 82.98 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। कर्नाटक में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 38.74 लाख टन के मुकाबले इस बार 30.80 लाख टन पर आ गया है। तमिलनाडु में चीनी का उत्पादन इस साल अब तक 2.60 लाख टन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3.85 लाख टन था।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 63.93 लाख टन से बढ़कर 66.34 लाख टन हो गया है। गुजरात में चीनी का उत्पादन 5.95 लाख टन हुआ है जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान उत्पादन 7.78 लाख टन था। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में इस साल चीनी का उत्पादन 3.06 लाख टन रहा है जबकि पिछले साल इस अवधि में 4.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चीनी का उत्पादन क्रमश: 5.08 लाख टन, 2.41 लाख टन, 3.72 लाख टन, 3.51 लाख टन और 2.76 लाख टन रहा है।
उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट महाराष्ट्र में
इंडयिन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) इस्मा का कहना है कि देश में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन में ज्यादा गिरावट आई है। महाराष्ट्र में इस साल अब तक 43.38 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 82.98 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। कर्नाटक में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 38.74 लाख टन के मुकाबले इस बार 30.80 लाख टन पर आ गया है। तमिलनाडु में चीनी का उत्पादन इस साल अब तक 2.60 लाख टन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3.85 लाख टन था।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 63.93 लाख टन से बढ़कर 66.34 लाख टन हो गया है। गुजरात में चीनी का उत्पादन 5.95 लाख टन हुआ है जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान उत्पादन 7.78 लाख टन था। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में इस साल चीनी का उत्पादन 3.06 लाख टन रहा है जबकि पिछले साल इस अवधि में 4.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चीनी का उत्पादन क्रमश: 5.08 लाख टन, 2.41 लाख टन, 3.72 लाख टन, 3.51 लाख टन और 2.76 लाख टन रहा है।
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