लखनऊ, उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेजेज एण्ड फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन (UPPCPIWA) की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज दिनांक 24 अगस्त, 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय अतिथि गृह, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के चेयरमैन प्रो. अमरिका सिंह ने की तथा संचालन महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और फार्मासिस्टों के कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए 15 प्रतिष्ठित वार्षिक अवार्ड्स स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह अवार्ड्स फार्मेसी के जनक प्रो. महादेव लाल श्रॉफ के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार सहित विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे। एसोसिएशन के महामंत्री प्रो. दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 2700 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 1900 से अधिक फार्मा इंडस्ट्रीज हैं। ऐसे में फार्मेसी प्रोफेशनल्स के मनोबल और उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए इन अवार्ड्स की स्थापना की गई है। सभी अवार्ड्स को अनुमोदन हेतु फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली को भेजा...
मौजूदा पेराई सीजन में 15 फरवरी तक चीनी उत्पादन में 22.67% की गिरावट आई है। देशभर की चीनी मिलों ने 2019-20 के मौजूदा सीजन में अभी तक 169.85 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। पिछले साल की समान अवधि में यह उत्पादन 219.66 लाख टन था। उत्पादन में अभी तक 49.81 लाख टन की कमी आई है। मार्केट रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में अब तक 16 लाख टन चीनी का निर्यात हो चुका है, जबकि करीब 32 लाख टन निर्यात के लिए कॉन्ट्रैक्ट हुआ है।
उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट महाराष्ट्र में
इंडयिन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) इस्मा का कहना है कि देश में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन में ज्यादा गिरावट आई है। महाराष्ट्र में इस साल अब तक 43.38 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 82.98 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। कर्नाटक में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 38.74 लाख टन के मुकाबले इस बार 30.80 लाख टन पर आ गया है। तमिलनाडु में चीनी का उत्पादन इस साल अब तक 2.60 लाख टन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3.85 लाख टन था।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 63.93 लाख टन से बढ़कर 66.34 लाख टन हो गया है। गुजरात में चीनी का उत्पादन 5.95 लाख टन हुआ है जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान उत्पादन 7.78 लाख टन था। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में इस साल चीनी का उत्पादन 3.06 लाख टन रहा है जबकि पिछले साल इस अवधि में 4.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चीनी का उत्पादन क्रमश: 5.08 लाख टन, 2.41 लाख टन, 3.72 लाख टन, 3.51 लाख टन और 2.76 लाख टन रहा है।
उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट महाराष्ट्र में
इंडयिन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) इस्मा का कहना है कि देश में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन में ज्यादा गिरावट आई है। महाराष्ट्र में इस साल अब तक 43.38 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 82.98 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। कर्नाटक में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 38.74 लाख टन के मुकाबले इस बार 30.80 लाख टन पर आ गया है। तमिलनाडु में चीनी का उत्पादन इस साल अब तक 2.60 लाख टन हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3.85 लाख टन था।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले साल के 63.93 लाख टन से बढ़कर 66.34 लाख टन हो गया है। गुजरात में चीनी का उत्पादन 5.95 लाख टन हुआ है जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान उत्पादन 7.78 लाख टन था। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में इस साल चीनी का उत्पादन 3.06 लाख टन रहा है जबकि पिछले साल इस अवधि में 4.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चीनी का उत्पादन क्रमश: 5.08 लाख टन, 2.41 लाख टन, 3.72 लाख टन, 3.51 लाख टन और 2.76 लाख टन रहा है।
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