ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का संचालन एव...
नए साल में रेलवे ने आम से लेकर के खास यात्रियों को महंगाई का झटका दे दिया है। इस फैसले से एक जनवरी से रेलवे का किराया प्रति किलोमीटर एक पैसे से चार पैसे बढ़ जाएगा। हालांकि रेलवे ने उपनगरीय रेलवे में किसी तरह के किराये में बढ़ोतरी नहीं की है।
एक पैसे किराये की वृद्धि साधारण श्रेणी, गैर वातानुकूलित श्रेणी और गैर उपनगरीय श्रेणी में की गई है। वहीं मेल/एक्सप्रेस गैर वातानुकूलित ट्रेनों के भाड़े में दो पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि, वातानुकूलित श्रेणी के किराए में चार पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि, भाड़े में वृद्धि शताब्दी, राजधानी ट्रेनों पर भी लागू होगी।
1000 किमी के सफर पर इतना बढ़ेगा किराया
अगर आप 1000 किमी का सफर कर रहे हैं, तो साधारण श्रेणी में 10 रुपये, मेल/एक्सप्रेस की गैर वातानुकूलित श्रेणी में 20 रुपये और सभी ट्रेनों की वातानुकूलित श्रेणी में 40 रुपये अतिरिक्त किराया चुकाना होगा। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट को बुक करा रखा है, उनसे सफर के दौरान बढ़ा हुआ किराया वसूला जाएगा। यह किराया ट्रेन में चल रहे टीटीई वसूलेंगे।
रेलवे सूत्रों ने कहा कि संसदीय समितियों की सिफारिशों और परिचालन अनुपात पर बढ़ते दबाव के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय से इसके लिए हरी झंडी भी मिल गई है।
रेलवे द्वारा किराया बढ़ाए जाने के बाद उसकी आय में प्रति वर्ष चार हजार करोड़ रुपये से लेकर पांच हजार करोड़ रुपये तक का इजाफा होगा। इतना ही नहीं, इससे रेलवे का परिचालन अनुपात भी सुधरेगा।
पिछले कुछ सालों से भारतीय रेलवे ने सीधे तौर पर यात्री किराया में बढ़ोतरी नहीं की है। रेलवे घाटे में है और आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। रिफंड नियमों में बदलाव का भी खास फायदा नहीं हुआ है। इसलिए परिचालन अनुपात को संतुलित रखने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है। बता दें कि डीजल व बिजली जैसे जरूरी खर्च बढ़ने से रेलवे का परिचालन अनुपात 98.4 फीसदी से ज्यादा हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
रेलवे सूत्रों ने कहा कि संसदीय समितियों की सिफारिशों और परिचालन अनुपात पर बढ़ते दबाव के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय से इसके लिए हरी झंडी भी मिल गई है।
इतनी बढ़ेगी रेलवे की आय
रेलवे द्वारा किराया बढ़ाए जाने के बाद उसकी आय में प्रति वर्ष चार हजार करोड़ रुपये से लेकर पांच हजार करोड़ रुपये तक का इजाफा होगा। इतना ही नहीं, इससे रेलवे का परिचालन अनुपात भी सुधरेगा।
इसलिए बढ़ाया जा रहा है किराया
पिछले कुछ सालों से भारतीय रेलवे ने सीधे तौर पर यात्री किराया में बढ़ोतरी नहीं की है। रेलवे घाटे में है और आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। रिफंड नियमों में बदलाव का भी खास फायदा नहीं हुआ है। इसलिए परिचालन अनुपात को संतुलित रखने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है। बता दें कि डीजल व बिजली जैसे जरूरी खर्च बढ़ने से रेलवे का परिचालन अनुपात 98.4 फीसदी से ज्यादा हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
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