लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
राजधानी के इकबाल मैदान में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के विरोध में 30 दिन से आंदोलन चल रहा है। गुरुवार को सभा में पहुंचीं जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं तो यह मुद्दे तलाशते हैं, जब इन्हें अपना काम नहीं दिखता है तो जेएनयू को टारगेट करते हैं। मैं यहां एक बात साफ कर देना चाहती हूं कि अगर आप जेएनयू में ताला भी मार देंगे, तो भी देश के युवा बेरोजगारी पर सवाल उठाना बंद नहीं करेंगे। महिलाएं फिर भी अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाएंगी।
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