लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल सरकार की मुफ्त योजनाएं बड़ा मुद्दा हैं। इन पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, लेकिन जल और जीवन देने वाली यमुना नदी पर बात नहीं होती। धर्मशास्त्रों में गंगा समेत 7 नदियों को मोक्षदायिनी कहा गया है, यमुना उनमें से एक है। यह दिल्ली की 70% आबादी की प्यास बुझाती है। पांच साल पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना की स्वच्छता और निर्बाध प्रवाह का वादा किया था। तीन साल खुद जल मंत्रालय संभाला। यमुना अब पहले से ज्यादा मैली है।
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