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किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद ने पीड़ित पति को न्याय दिलाने का किया वादा

बलरामपुर।जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। *पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद -* इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को न...

बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सांसदों को संबोधित किया


बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सांसदों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नागरिकता कानून को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस तरह से महात्मा गांधी के सपनों को पूरा किया है. उन्होंने कहा, 'माननीय सदस्यगण भारत ने हमेशा सर्वपंथ विचारधारा में यकीन किया है. लेकिन भारत विभाजन के समय भारतवासियों और उनके विश्वास पर प्रहार किया गया. विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वो भारत आ सकते हैं.'


राष्ट्रपति के इतना बोलते ही बीजेपी सांसदों ने मेज थपथपाने लगे. पीएम मोदी भी वीडियो में मेज थपथपाते नजर आए. काफी देर तक एनडीए के सहयोगी दलों ने मेज थपथपाकर राष्ट्रपति की बातों का समर्थमन किया. तकरीबन 15-20 सेकेंड तक ऐसा ही चलता रहा. फिर राष्ट्रपति ने अपना अभिभाषण शुरू किया. तालियां बजती रही.


राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'इन लोगों को सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है. पूज्य बापू के इस विचार का समर्थन करते हुए समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय नेताओं और राजनीतिक दलों ने इसे आगे बढ़ाया. हमारे राष्ट्र निर्माताओं के उस इच्छा का सम्मान करना हमारा दायित्व है. मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता कानून बनकर महापुरुषों की इच्छा को सम्मान दिया गया.


एक बार फिर से सेंट्रल भवन में सांसदों ने मेज थपथपाना शुरू कर दिया. तकरीबन 40-50 सेकेंड तक सिर्फ मेज थपथपाने की अवाजें आती रही. उसके बाद राष्ट्रपति ने एक बार फिर से बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा विशेषकर ऐसे समय में..... लेकिन मेज थपथपाने की आवाज गूंजती रही. तकरीबन 10-15 सेकेंड के बाद फिर राष्ट्रपति ने बोलना शुरू किया.



 


उन्होंने कहा कि विशेषकर ऐसे समय में जब देश में महात्मा गांधी की जयंती का पर्व मना रहा हो.. इसी बीच पीछे से कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता ने विरोध करना शुरू कर दिया. वो नागरिकता कानून के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.


लेकिन राष्ट्रपति रुके नहीं. उन्होंने कहा, 'विशेषकर जब देश में महात्मा गांधी की जयंती का पर्व मनाया जा रहा हो उसी समय समय में सांसदों द्वारा इसे पास करवाना बेहद खास है. मैं संसद के दोनों सदनों का और सभी सांसदों का अभिनंदन करता हूं. इस दौरान विपक्षी दलों के सांसद लगातार हंगामा करते रहे.


राष्ट्रपति ने उनके विरोध को पूरी तरह अनदेखा करते हुए अपना भाषण जारी रखा. उन्होंने कहा माननीय सदस्य गण, हम सभी..... इसी बीच सांसदों की आवाज और तेज हुई.. राष्ट्रपति 5 सेकेंड्स के लिए रुके लेकिन फिर बोलने लगे. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के लोगों पर हो रहे उत्पीड़न का मामला उठाया.


उन्होंने कहा, 'हाल ही में ननकाना साहिब में जो कुछ हुआ उसे सभी ने देखा है. हम सभी का यह भी दायित्व है कि पाकिस्तान में हो रहे अत्याचार से पूरा विस्व परिचित हो. मैं पाकिस्तान में हो रहे अल्पसंख्यकों में हो रहे अत्याचार की निंदा करता हूं और विश्व समुदाय से इसे संज्ञान में लेने और इस दिशा में आवश्यक क़दम उठाने का आग्रह करता हूं.'


हालांकि इस दौरान लगातार सेंट्रल भवन में CAA के विरोध में नारे लगते रहे.


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