_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
मकान खरीदना हर आदमी का सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो इस जरूरत को पूरा करने के लिए बैंक कर्ज के अलावा भविष्य निधि (पीएफ) में जमा रकम का भी विकल्प है। पीएफ खाते से मकान खरीदने के दो विकल्प होते हैं। पहला ईपीएफओ की हाउसिंग स्कीम के तहत और दूसरा खाते से आंशिक निकासी कर।
सरकारी या निजी क्षेत्र के हर कर्मचारी के पास पीएफ खाता होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कानून में संशोधन कर 12 अप्रैल, 2017 को अपने सदस्यों के लिए हाउसिंग स्कीम का प्रावधान लागू किया। इसका फायदा ईपीएफओ के करीब 6 करोड़ सदस्य उठा सकते हैं। इसके तहत मकान खरीदने, बनाने या प्लॉट खरीदने के लिए कर्मचारी अपने फंड से 90 फीसदी राशि निकाल सकते हैं।
बनना होगा सहकारी समिति का सदस्य
ईपीएफओ सदस्य को हाउसिंग स्कीम का फायदा उठाने के लिए 10 सदस्यीय सहकारी या हाउसिंग सोसायटी का सदस्य बनना होगा। इसके अलावा हाउसिंग स्कीम के तहत पीएफ से पैसा निकालने के लिए ईपीएफओ सदस्य का तीन साल से ज्यादा की भागीदारी होनी जरूरी है। इससे कम अवधि तक ईपीएफ में वेतन कटौती वाले पैसा नहीं निकाल सकेंगे। साथ ही अगर खाते में 20 हजार से कम की राशि है, तो भी कर्मचारी इस योजना के तहत निकासी नहीं कर सकेंगे। हाउसिंग स्कीम का लाभ सदस्य को एक ही बार मिल सकता है।
पीएफ से भरें होम लोन की ईएमआई
पीएफ खाते में जमा राशि आपके होम लोन की ईएमआई चुकाने में भी मददगार हो सकती है। ईपीएफओ होम लोन रिपेमेंट स्कीम के तहत खाताधारक अपने वेतन से पीएफ में हर महीने कटने वाली राशि से ईएमआई चुका सकते हैं। अगर किसी कर्मचारी की ईपीएफओ सदस्यता खत्म हो जाती है और उसके पीएफ खाते में मासिक ईएमआई चुकाने की रकम नहीं है, तो सरकार या पीएफआरडीए इसके भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।
मकान के लिए आंशिक निकासी की सुविधा
ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के तहत सदस्य बिना हाउसिंग सोसायटी स्कीम के भी मकान या प्लॉट खरीदने के लिए फंड से आंशिक निकासी कर सकते हैं। अगर किसी बिल्डर से मकान या फ्लैट खरीद रहे हैं, तो खाताधारक की ईपीएफओ सदस्या कम से कम 5 साल होनी चाहिए। खाताधारक प्लॉट खरीदने के लिए मासिक वेतन का 24 गुना और मकान खरीदने या बनाने के लिए मासिक वेतन का 36 गुना रकम निकाल सकते हैं। हालांकि, इसमें यह शर्त भी होती है कि मकान का निर्माण पैसा निकालने के 6 महीने के भीतर शुरू हो जाए और 12 महीने में पूरा हो जाना चाहिए। अगर तैयार मकान या फ्लैट खरीदना चाहते हैं, तो यह काम 6 महीने में पूरा हो जाना चाहिए। इस दौरान रकम की निकासी एकमुश्त या किस्तों में की जा सकती है।
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