लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
रामलला को वैकल्पिक नए मंदिर में शिफ्ट करने को लेकर आयोजित अनुष्ठान में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंच गए. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ मंगलवार शाम अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे और फिर यहां से वह सर्किट हाउस गए. अयोध्या में बुधवार को रामलला को चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा, जिसके बाद मूल गर्भगृह पर राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा. भगवान श्री रामलला का चांदी का यह सिंहासन 9.5 किलोग्राम का है. जयपुर के कारीगरों ने बनाया चांदी का यह सिंहासन जयपुर के कारीगरों ने बनाया है. चांदी के सिहासन के पृष्ठ पर सूर्य देव की आकृति और दो मोर उत्कीर्ण किए गए हैं. रामलला इसी आकर्षक सिहासन पर विराजमान होंगे. मौजूदा समय में मूल गर्भगृह के अस्थायी मंडप में रामलला लकड़ी के सिहासन पर विराजित हैं. राजा विमलेंद्र मोहन मिश्र यह सिंहासन लेकर अयोध्या आए. उन्होंने यह सिंहासन ट्रस्ट को समर्पित कर दिया. रामलला के अस्थायी मंदिर में शिफ्टिंग अनुष्ठान का आयोजन होगा. यह शिफ्टिंग नवरात्रि के पहले दिन यानी बुधवार को होगा. नवरात्रि के पहले दिन रामलला अस्थायी बुलेटप्रूफ मंदिर में विराजें...