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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

भारत में अब तक कभी नहीं हुई लागू,क्या होती है इकोनॉमिक इमरजेंसी



कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हफ्तेभर में आज दूसरी बार देश को संबोधित करेंगे. खुद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें देशवासियों के साथ साझा करूंगा.


अब प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, कुछ लोग कह रहे हैं कि वे आर्थिक पैकेज का ऐलान कर सकते हैं. लेकिन इन सबके बीच सोशल मीडिया में एक खबर खूब शेयर की जा रही है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनुच्छेद 360 के तहत देश में आर्थिक आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं.


 


भारत में कभी नहीं लगा है आर्थिक आपातकाल


भारत में अभी तो आर्थिक आपातकाल कभी लागू नहीं हुआ है, जबकि राष्ट्रीय आपातकाल और राष्ट्रपति शासन का इस्तेमाल हो चुका है. ऐसे में कोरोना संकट से जोड़कर जो आर्थिक आपातकाल लागू करने की बात हो रही है, वह तार्किक नहीं है, और महज एक अफवाह है.


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी फाइनेंशियल इमरजेंसी लगाने का कोई प्लान नहीं है, उन्होंने सोशल मीडिया में चल रही खबरों को सिरे से खारिज कर दिया


क्या होता आर्थिक आपातकाल में ?


अनुच्छेद 360 के तहत आर्थिक आपातकाल की घोषणा राष्ट्रपति उस वक्त कर सकते हैं, जब उन्हें लगे कि देश में ऐसा आर्थिक संकट बना हुआ है, जिसके कारण भारत के वित्तीय स्थायित्व या साख को खतरा है.



 


दरअसल, आर्थिक स्थिति बदतर होने पर या फिर सरकार दिवालिया होने के कगार पर आ जाती है, या फिर भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने की कगार पर आ जाती है, तब इस आर्थिक आपातकाल के अनुच्छेद का इस्तेमाल किया जा सकता है.


देश में आर्थिक आपातकाल लागू होते ही आम नागरिकों के पैसों और संपत्ति पर देश का अधिकार हो जाएगा. भारतीय संविधान में 3 तरह के आपातकाल का जिक्र है.


राष्ट्रीय आपातकाल (नेशनल इमरजेंसी)


- राष्ट्रपति शासन (स्टेट इमरजेंसी)


- आर्थिक आपातकाल (इकोनॉमिक इमरजेंसी)


हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए अमेरिका में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है.



 

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