लखनऊ के प्राचीनतम गोगा वीर-गुरु गोरखनाथ मेले में झूले की अनुमति न मिलने पर मेला समिति में रोष, प्रेस वार्ता कर जताया विरोध
*लखनऊ।* राजधानी के सबसे प्राचीन मेलों में शुमार *गुरु गोरखनाथ एवं गोगा वीर चौहान (जाहरवीर) मेले* के आयोजन को लेकर आज एक *प्रेस वार्ता* का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता में *मेला कमेटी के अध्यक्ष राज किरण राज एवं समस्त पदाधिकारियों* ने प्रशासन द्वारा मेले में झूले की अनुमति न दिए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया।
अध्यक्ष राज किरण राज ने कहा कि, _"अगर मेले में झूले नहीं होंगे तो महिलाओं और बच्चों को आनंद नहीं आएगा। मेला तो बच्चों और महिलाओं के बिना अधूरा है। झूले ही मेले की जान होते हैं।"_
उन्होंने बताया कि यह मेला *लखनऊ के प्राचीनतम मेलों में से एक* है। यह सिर्फ मेला नहीं, बल्कि हमारे समाज की *आन, बान और शान का प्रतीक* है। इस मेले में दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु बाबा गोगा वीर और गुरु गोरखनाथ जी का आशीर्वाद लेने आते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार इस मेले के आयोजन में *बाधा डालने का प्रयास* किया जा रहा है। जानबूझकर अड़ंगे लगाए जा रहे हैं जिससे इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन रुक जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि, _"हम ऐसा होने नहीं देंगे। चाहे कुछ भी हो जाए, हमारे समाज की एकता और इस मेले की परंपरा को कोई नहीं रोक सकता। यह मेला हमारे पूर्वजों की धरोहर है।"_
*उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन इस वर्ष 28 और 29 अगस्त को होना है।* जिसको लेकर मेला समिति द्वारा तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि जल्द से जल्द झूले और दुकानों की अनुमति दी जाए ताकि मेले का आयोजन भव्य तरीके से हो सके।
इस मौके पर मेला समिति के सभी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। स्पेशल सट्टा में पूर्व अध्यक्ष है अरुण कुमार वाल्मीकि समय समस्त पदाधिकारी उपस्थितरहे

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