15 जुलाई 2026 (बुधवार) की रात्रि लगभग 11:00 से 12:00 बजे के मध्य रायबरेली जनपद के थाना नसीराबाद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डेला, नसीराबाद, तहसील सलोन, विकासखंड छतोह निवासी दलित परिवार के सदस्य श्री राम सिंह पासी की कथित रूप से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या किए जाने की घटना पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने गहरा दुःख एवं चिंता व्यक्त की है। परिजनों के अनुसार मृतक पर पहले पीछे से सिर पर गंभीर प्रहार किया गया तथा उसके बाद गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई, जिसका उल्लेख सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा तथा मामले की जांच प्रारंभ कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामान्य निष्कर्ष आने के बावजूद पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उत्तर प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष माननीय श्री अरविन्द पासवान जी ने प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा कर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उनके साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अश्वनी श्रीवास्तव, प्...
NEET UG 2026 को 12 मई को रद्द कर दिया गया और यह खबर 22.79 लाख मेडिकल एस्पिरेंट्स के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। राजस्थान में पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने खुद माना कि परीक्षा की सत्यता से समझौता हुआ है, इसलिए CBI जांच के साथ दोबारा एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद डॉ. अलगावेंकटेशन जैसे कई लोगों का सवाल उठना लाज़मी है कि जब गड़बड़ी कुछ ही जगहों पर हुई तो सज़ा पूरे देश के बच्चों को क्यों मिल रही है। जिन छात्रों ने ईमानदारी से तैयारी की, उन पर मानसिक दबाव, आर्थिक बोझ और एक साल बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए अब ज़रूरी है कि CBI जांच का रोज़ का स्टेटस पब्लिक डोमेन में खुलकर साझा किया जाए ताकि अफवाहों की जगह सच्चाई ले। साथ ही NEET UG 2025 में इंदौर में बिजली कटौती और बायोमेट्रिक फेल्योर जैसी घटनाओं की जांच रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई है, उसे भी तुरंत पब्लिक करना चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि NTA की कमान अब प्रोग्रेसिव सोच वाले, तकनीकी समझ रखने वाले और बेदाग छवि के अधिकारियों को सौंपी जाए, क्योंकि पुराने ढर्रे से भरोसा नहीं लौटेगा। और अंत में, इस पूरे कांड में शामिल हर गुनहगार, चाहे वह कोचिंग माफिया हो या सिस्टम का अंदरूनी आदमी, उसे ऐसी कड़ी सज़ा मिले जो आगे के लिए मिसाल बने। सिर्फ री-एग्जाम की तारीख घोषित कर देने से छात्रों का टूटा भरोसा वापस नहीं आएगा।
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