होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
NEET UG 2026 को 12 मई को रद्द कर दिया गया और यह खबर 22.79 लाख मेडिकल एस्पिरेंट्स के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। राजस्थान में पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने खुद माना कि परीक्षा की सत्यता से समझौता हुआ है, इसलिए CBI जांच के साथ दोबारा एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद डॉ. अलगावेंकटेशन जैसे कई लोगों का सवाल उठना लाज़मी है कि जब गड़बड़ी कुछ ही जगहों पर हुई तो सज़ा पूरे देश के बच्चों को क्यों मिल रही है। जिन छात्रों ने ईमानदारी से तैयारी की, उन पर मानसिक दबाव, आर्थिक बोझ और एक साल बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए अब ज़रूरी है कि CBI जांच का रोज़ का स्टेटस पब्लिक डोमेन में खुलकर साझा किया जाए ताकि अफवाहों की जगह सच्चाई ले। साथ ही NEET UG 2025 में इंदौर में बिजली कटौती और बायोमेट्रिक फेल्योर जैसी घटनाओं की जांच रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई है, उसे भी तुरंत पब्लिक करना चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि NTA की कमान अब प्रोग्रेसिव सोच वाले, तकनीकी समझ रखने वाले और बेदाग छवि के अधिकारियों को सौंपी जाए, क्योंकि पुराने ढर्रे से भरोसा नहीं लौटेगा। और अंत में, इस पूरे कांड में शामिल हर गुनहगार, चाहे वह कोचिंग माफिया हो या सिस्टम का अंदरूनी आदमी, उसे ऐसी कड़ी सज़ा मिले जो आगे के लिए मिसाल बने। सिर्फ री-एग्जाम की तारीख घोषित कर देने से छात्रों का टूटा भरोसा वापस नहीं आएगा।
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