माई सिटी, लखनऊ
अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक समागम, लखनऊ का आयोजन किया गया। समागम में पुस्तक लोकार्पण, शैक्षिक संगोष्ठी और सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य मंत्री एवं लघु उद्योग निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष वैश्य नटवर गोयल उपस्थित रहें। इस मौके पर वैश्य नटवर गोयल ने शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की रीढ़ होते हैं। शिक्षा समाज की सबसे बुनियादी आवश्यकता है, क्योंकि इसके बिना न व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है और न ही राष्ट्र की प्रगति।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा सोच को परिष्कृत करती है, संस्कारों को दृढ़ बनाती है और व्यक्ति को सही-गलत का विवेक देती है। एक शिक्षित समाज ही अंधविश्वास, असमानता और कुरीतियों को दूर कर सकता है। शिक्षा रोजगार के द्वार खोलती है, नागरिकों को जागरूक बनाती है और देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है। इसलिए शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान न मानकर जीवन जीने की कला और सामाजिक उत्थान का माध्यम समझना चाहिए।
समागम में डॉ. राधेश्याम गुप्ता, डॉ. बी.एन. मेघवाल, डॉ. संजय गंगवार, डॉ. दिनेश चन्द्रा, डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता सहित अन्य शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।



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