होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने प्रदेश में पशु वधशालाओं और मीट प्रोसेसिंग यूनिटों में फर्जीवाड़े और राजस्व चोरी को लेकर अपर मुख्य सचिव, पशुधन, उ.प्र. शासन को पत्र लिखा है। संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा Fit For Travel प्रमाणपत्र के नाम पर प्रति वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की राजस्व चोरी कराई जा रही है।
पत्र में कहा गया है कि पशु क्रूरता रोकने और पशु चोरी रोकने के उद्देश्य से पशु मालिक या व्यापारी को पशु ले जाने से पहले क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी से Fit For Travel प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है। लेकिन कई अधिकारी ऐसे क्षेत्रों में भी प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं जहां पशु पेठ या बाजार ही नहीं लगता। इससे फर्जीवाड़ा और राजस्व हानि हो रही है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पशु वधशालाओं में नामित पशु चिकित्सा विद Anti Mortom / Post Mortom की लेवी राजकोष में जमा नहीं कराते, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये की हानि हो रही है। साथ ही, कुछ चिकित्सक अपना आईडी-पासवर्ड पशु वधशाला संचालकों को देकर ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं वधशाला नहीं जाते।
संघ ने मांग की है कि मामले की जांच अलग-अलग जनपदों में अपर निदेशक ग्रेड-1 से कराई जाए और पशु वधशालाओं से क्रय-विक्रय रसीद व Fit For Travel प्रमाणपत्र की प्रतियां अनिवार्य रूप से ली जाएं।
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