लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने प्रदेश में पशु वधशालाओं और मीट प्रोसेसिंग यूनिटों में फर्जीवाड़े और राजस्व चोरी को लेकर अपर मुख्य सचिव, पशुधन, उ.प्र. शासन को पत्र लिखा है। संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा Fit For Travel प्रमाणपत्र के नाम पर प्रति वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की राजस्व चोरी कराई जा रही है।
पत्र में कहा गया है कि पशु क्रूरता रोकने और पशु चोरी रोकने के उद्देश्य से पशु मालिक या व्यापारी को पशु ले जाने से पहले क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी से Fit For Travel प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है। लेकिन कई अधिकारी ऐसे क्षेत्रों में भी प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं जहां पशु पेठ या बाजार ही नहीं लगता। इससे फर्जीवाड़ा और राजस्व हानि हो रही है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पशु वधशालाओं में नामित पशु चिकित्सा विद Anti Mortom / Post Mortom की लेवी राजकोष में जमा नहीं कराते, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये की हानि हो रही है। साथ ही, कुछ चिकित्सक अपना आईडी-पासवर्ड पशु वधशाला संचालकों को देकर ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं वधशाला नहीं जाते।
संघ ने मांग की है कि मामले की जांच अलग-अलग जनपदों में अपर निदेशक ग्रेड-1 से कराई जाए और पशु वधशालाओं से क्रय-विक्रय रसीद व Fit For Travel प्रमाणपत्र की प्रतियां अनिवार्य रूप से ली जाएं।
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