होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
बाराबंकी/लखनऊ। रियल एस्टेट कारोबार में निदेशक बनाने और कंपनी में डी50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर बाराबंकी पुलिस ने देवरा बिल्डविल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रयागराज निवासी अमित कुमार राय, निदेशक अरिहन्त डेवलपर्स, ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात शरद देवरा से हुई थी। आरोपी ने खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए कंपनी में निवेश के बदले निदेशक पद और कारोबार में आधी हिस्सेदारी देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में करोड़ों रुपये कंपनी एवं निजी खातों में ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित के अनुसार 19 जुलाई 2018 को 30 लाख रुपये तथा 20 जुलाई 2018 को 20 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए गए। बाद में कंपनी विस्तार और प्रोजेक्ट निवेश के नाम पर लगातार रकम मांगी गई। आरोप है कि अमित कुमार राय, उनकी पत्नी रुचि सिंह तथा अरिहन्त डेवलपर्स के खातों से कुल 3 करोड़ 81 लाख रुपये आरोपी पक्ष के खातों में ट्रांसफर किए गए। पीड़ित का कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी न तो लाभ दिया गया और न ही निवेश की रकम वापस की गई। बाद में फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया। रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में 7 फरवरी 2026 को कथित रूप से हिसाब-किताब के बहाने बुलाकर अभद्रता और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने डायल 112 सहित पुलिस अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई।
कोतवाली नगर बाराबंकी में फिर संख्या 0389 दिनांक 17 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 316(2), 318(4),338, 336(3), 340(2), 61(2), 115 (2), 352 एवं 351 (3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार आरोपी पक्ष के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। थाना हसनगंज, लखनऊ में वर्ष 2020 में फिर संख्या 0074 धारा 409 आईपीसी के तहत दर्ज हुई थी।
इसी प्रकार वर्ष 2021 में थाना हसनगंज में फिर संख्या 0261 दर्ज हुई थी, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक विश्वासघात और धमकी जैसी गंभीर धाराएं 420, 467, 468, 471, 406, 504 और 506 आईपीसी लगाई गई थीं।
सूत्रों के अनुसार आरोपी पक्ष पर अलग-अलग मामलों में लगभग 8 से 10 मुकदमे दर्ज होने की चर्चा है।
जानकारी के अनुसार देवरा बिल्डविल प्राइवेट लिमिटेड के अलावा आरोपी पक्ष से जुड़ी कई अन्य कंपनियां भी संचालित बताई जा रही हैं, जिनमें देवरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, ऑटो बिल्डविल प्राइवेट लिमिटेड तथा ऑटो इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम सामने आ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि इन कंपनियों के नाम पर लखनऊ के विभिन्न इलाकों में कई व्यावसायिक संपत्तियां हैं, जिनसे लाखों रुपये प्रतिमाह किराया वसूला जाता है। गोमती नगर, पत्रकारपुरम में स्थित मनी सीडिंग पॉइंट, सप्रू मार्ग स्थित कैनरा बैंक शाखा तथा अलीगंज स्थित स्वाद मिष्ठान भंडार जैसी व्यावसायिक इकाइयों के भवनों को भी इन कंपनियों से जुड़ी संपत्तियां बताया जा रहा है।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इन संपत्तियों और कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन, जीएसटी अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जांच की आवश्यकता है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि लोगों से कथित रूप से ठगी कर अर्जित धनराशि से ही महंगी संपत्तियां और व्यावसायिक निवेश किए गए हैं।
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